
राजनगर:रविकांत गोप:कभी गंभीर बीमारी से जूझ रही 20 वर्षीय लक्ष्मी गोप आज अपने पैरों पर चल पा रही हैं, बोल पा रही हैं और अपने हाथों से खाना खा रही हैं। छह महीने पहले लक्ष्मी की हालत बेहद गंभीर थी। आर्थिक तंगी के कारण मजदूरी करने वाले उनके पिता नरेश गोप बेटी का बेहतर इलाज कराने में असमर्थ थे।

करीब दो माह पहले नरेश गोप ने मदद की उम्मीद में कोल्हान समाचार के पत्रकार रविकांत गोप से संपर्क किया। इसके बाद लक्ष्मी की बीमारी और परिवार की आर्थिक स्थिति को लेकर खबर प्रकाशित की गई। खबर सामने आने के कुछ ही घंटे बाद जनप्रतिनिधियों और प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया।
विधायक प्रतिनिधि सनत आचार्य ने डॉक्टरों एवं जिला प्रशासन से संपर्क किया। इसके बाद राजनगर प्रखंड प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीम लक्ष्मी के घर पहुंची। बेहतर इलाज के लिए प्रशासन की मदद से एम्बुलेंस के माध्यम से उन्हें रांची स्थित रिम्स भेजा गया।
रिम्स में करीब एक महीने तक लक्ष्मी का इलाज चला। इलाज के बाद उनकी हालत में सुधार होने लगा। घर लौटने के बाद पिता ने डॉक्टरों की सलाह के अनुसार नियमित दवाइयां दीं और लगातार देखभाल की। धीरे-धीरे लक्ष्मी की सेहत में उल्लेखनीय सुधार हुआ।

आज लक्ष्मी चलने, बोलने और खुद खाना खाने में सक्षम हैं। उनकी हालत में सुधार से परिवार में खुशी का माहौल है। हालांकि इलाज के दौरान परिवार पर आर्थिक बोझ बढ़ा और नरेश गोप कर्जदार भी हुए, लेकिन बेटी के स्वस्थ होने को वह अपनी सबसे बड़ी खुशी मानते हैं।
लक्ष्मी ने बताया कि बीमारी के दौरान उनके पति और ससुराल पक्ष की ओर से उनका हालचाल लेने कोई नहीं आया। अब उन्होंने मायके में माता-पिता के साथ रहकर मेहनत-मजदूरी करने और अपने दो वर्षीय बेटे का पालन-पोषण करने का निर्णय लिया है।
लक्ष्मी और उनके पिता ने इस मुश्किल समय में सहयोग करने के लिए मीडिया, जनप्रतिनिधियों, स्वास्थ्यकर्मियों और प्रशासन के प्रति आभार जताया। यह कहानी बताती है कि जब समाज, मीडिया, जनप्रतिनिधि और प्रशासन मिलकर जरूरतमंद की मदद करते हैं, तो कठिन परिस्थितियों में भी उम्मीद की नई किरण पैदा हो सकती है।
छह महीने पहले जिस घर में चिंता और बेबसी थी, आज उसी घर में लक्ष्मी की मुस्कान है।




