जल जीवन मिशन की अधूरी योजनाओं पर उठे सवाल, मुख्य सचिव को फिर भेजा स्मार पत्र

चाईबासा। पश्चिमी सिंहभूम जिले के मनोहरपुर प्रखंड के लाईलोर, जोजोगुटू, हाकागुई, रायकेरा और मकरण्डा गांवों में जल जीवन मिशन की योजनाओं को लेकर वित्तीय अनियमितता और विभागीय लापरवाही के आरोप लगाए गए हैं। आरोप है कि कई स्थानों पर जलमीनार और पाइपलाइन निर्माण कार्य लंबे समय से अधूरा या अर्धनिर्मित है, जिसके कारण ग्रामीणों को योजना का अपेक्षित लाभ नहीं मिल पा रहा है।
मामले को लेकर 9 दिसंबर 2025 को झारखंड सरकार के मुख्य सचिव को ज्ञापन सौंपकर उच्चस्तरीय जांच की मांग की गई थी। इसमें कथित वित्तीय अनियमितताओं की जांच झारखंड उच्च न्यायालय की निगरानी में कराने और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की गई थी।
कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाते हुए 29 अगस्त 2026 को पत्रांक 36/2026 के माध्यम से मुख्य सचिव को पुनः स्मार पत्र भेजा गया है।
स्मार पत्र में संबंधित गांवों की अधूरी एवं अर्धनिर्मित योजनाओं की निष्पक्ष जांच कराने, वित्तीय गड़बड़ी प्रमाणित होने पर जिम्मेदार अधिकारियों, एजेंसियों और संवेदकों के खिलाफ कार्रवाई करने तथा लंबित कार्यों को जल्द पूरा कराने की मांग की गई है।
वहीं, जल्द सकारात्मक पहल नहीं होने पर ग्रामीण हित में चरणबद्ध आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी गई है।




