
गुवा : सेल, किरीबुरू के सीएसआर विभाग के प्रयोजन तथा पश्चिमी सिंहभूम जिला आर्चरी एसोसिएशन के संयुक्त तत्वावधान में बुधवार को एकलव्य आर्चरी अकादमी मैदान में स्वर्गीय राधे सुम्ब्रुई एवं स्वर्गीय पूर्णचंद्र बिरुआ मेमोरियल जिला स्तरीय आर्चरी प्रतियोगिता 2026-27 का भव्य शुभारंभ हुआ। प्रतियोगिता का उद्देश्य ग्रामीण एवं आदिवासी क्षेत्रों में छिपी तीरंदाजी प्रतिभाओं को मंच प्रदान करना और उन्हें राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने का अवसर उपलब्ध कराना है। प्रतियोगिता में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए लगभग 150 तीरंदाज अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं। आयोजन स्थल पर खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों में उत्साह का माहौल देखने को मिला।
इसे भी पढ़ें : Kiriburu : किरीबुरु में सेल के मेडिकल कर्मचारियों के लिए दो दिवसीय PAAR प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू
सीके बिस्वाल ने किया उद्घाटन, खेल संस्कृति को मजबूत बनाने पर दिया जोर
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सेल, किरीबुरू के सहायक महाप्रबंधक (एचआर, एल एंड ई) सह प्रभारी सीएसआर सी.के. बिस्वाल ने स्वर्गीय राधे सुम्ब्रुई एवं स्वर्गीय पूर्णचंद्र बिरुआ के चित्र पर माल्यार्पण कर तथा लक्ष्य भेदन करके प्रतियोगिता का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि दोनों दिवंगत हस्तियों ने पश्चिमी सिंहभूम में खेल और शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया था। उनके नाम पर आयोजित यह प्रतियोगिता युवाओं को प्रेरित करने के साथ जिले में खेल संस्कृति को भी सशक्त बनाएगी। उन्होंने बताया कि सेल प्रबंधन पिछले करीब 16 वर्षों से सीएसआर के तहत एकलव्य आर्चरी अकादमी का सफल संचालन कर रहा है, जहां से कई खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना चुके हैं।
इसे भी पढ़ें : Gua : सारंडा सुवन छात्रावास के समीप सड़क हादसे में सेल कर्मी गंभीर, राउरकेला रेफर
पांच महिला और तीन पुरुष खिलाड़ियों को मिलेगा सीधे अकादमी में प्रवेश
प्रतियोगिता के दौरान आयु वर्ग के अनुसार खिलाड़ियों के लिए 20 मीटर से 70 मीटर तक की दूरी निर्धारित की गई है। प्रत्येक प्रतिभागी 36 तीर चलाकर अधिकतम 360 अंक अर्जित करने का प्रयास करेगा। सीके बिस्वाल ने घोषणा की कि प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले एवं इच्छुक 5 महिला तथा 3 पुरुष तीरंदाजों को सीधे एकलव्य आर्चरी अकादमी में प्रवेश दिया जाएगा। प्रतियोगिता के सफल संचालन में जिला आर्चरी एसोसिएशन, आदिवासी कल्याण केंद्र, आदिवासी हो समाज युवा महासभा तथा एकलव्य आर्चरी अकादमी के प्रशिक्षकों एवं तकनीकी टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। आयोजन को लेकर खिलाड़ियों और अभिभावकों में खासा उत्साह देखा गया।




