बारिश के बीच भी नहीं घटा श्रद्धालुओं का उत्साह, मौसीबाड़ी में हजारों भक्तों ने ग्रहण किया महाप्रभु का महाप्रसाद

चाईबासा: शहर के श्री श्री हरि बोल सरस्वती दुर्गा मंदिर स्थित मौसीबाड़ी में विराजमान महाप्रभु श्री जगन्नाथ स्वामी अपने बड़े भाई भगवान बलभद्र और बहन देवी सुभद्रा के साथ श्रद्धालुओं को दर्शन दे रहे हैं। रथयात्रा के उपरांत महाप्रभु आठ दिनों तक मौसीबाड़ी में विराजमान रहते हैं, जिसके बाद संध्या बेला में पुनः अपने मूल मंदिर के लिए प्रस्थान करेंगे। इस दौरान प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन एवं महाप्रसाद ग्रहण करने पहुंच रहे हैं।

मौसीबाड़ी में प्रतिदिन मध्यान्ह महाप्रसाद के साथ रात्रि में छप्पन भोग महाप्रसाद का वितरण किया जा रहा है। लगातार दो-तीन दिनों से हो रही बारिश के बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था और उत्साह में कोई कमी नहीं दिख रही है। श्रद्धालु छाता लेकर मंदिर पहुंच रहे हैं, संध्या आरती में शामिल हो रहे हैं, भजन-कीर्तन का आनंद ले रहे हैं और श्रद्धापूर्वक महाप्रभु का महाप्रसाद ग्रहण कर रहे हैं।

जगन्नाथ मंदिर के मुख्य पुजारी संजय मिश्रा ने बताया कि श्री श्री हरि बोल सरस्वती दुर्गा पूजा कमेटी पिछले लगभग 100 वर्षों से इस धार्मिक परंपरा का निर्वहन करती आ रही है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस आयोजन में शामिल होकर महाप्रभु का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।
कमेटी के कोषाध्यक्ष तरुण कुमार दरिपा ने कहा कि यह आयोजन महाप्रभु श्री जगन्नाथ स्वामी की असीम कृपा से सफलतापूर्वक संपन्न हो रहा है। उन्होंने बताया कि हर वर्ष श्रद्धालुओं की संख्या में वृद्धि हो रही है और कमेटी सभी भक्तों के सुख, समृद्धि एवं मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए महाप्रभु से प्रार्थना करती है।
प्रतिदिन की तरह मंगलवार को भी रात्रि 8 बजे से 10 बजे तक महाप्रसाद का वितरण किया गया। इस दौरान हजारों श्रद्धालुओं ने महाप्रभु का महाप्रसाद ग्रहण किया। आयोजन को सफल बनाने में श्री श्री हरि बोल सरस्वती दुर्गा पूजा कमेटी के वरिष्ठ एवं कनिष्ठ सदस्यों ने सक्रिय भूमिका निभाई और श्रद्धालुओं के बीच सुव्यवस्थित ढंग से महाप्रसाद का वितरण कराया। पूरे मंदिर परिसर में भजन-कीर्तन, संध्या आरती और “जय जगन्नाथ” के जयघोष से भक्तिमय वातावरण बना रहा।




