डीएवी संकुल स्तरीय खेल प्रतियोगिता में खिलाड़ियों ने दिखाई प्रतिभा, 7 विद्यालयों के 150 प्रतिभागियों ने लिया हिस्सा

चाईबासा: स्थानीय सूरजमल जैन डीएवी पब्लिक स्कूल में झारखंड जोन-1 के अंतर्गत संकुल स्तरीय डीएवी स्पोर्ट्स टूर्नामेंट का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में योग, शतरंज, तीरंदाजी और बैडमिंटन स्पर्धाओं का आयोजन हुआ, जिसमें सात डीएवी विद्यालयों के लगभग 150 खिलाड़ियों ने भाग लेकर अपनी खेल प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया।
कार्यक्रम का उद्घाटन विद्यालय के प्राचार्य सह एआरओ ओ.पी. मिश्रा ने किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि यह प्रतियोगिता तीन जिलों के खिलाड़ियों को एक मंच पर अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर प्रदान करती है। उन्होंने बताया कि झारखंड के 10 संकुलों में विभिन्न खेल प्रतियोगिताएं आयोजित की जा रही हैं। डीएवी स्पोर्ट्स के तहत पहले संकुल स्तर, फिर राज्य स्तर और अंततः राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताएं आयोजित होती हैं। उन्होंने खिलाड़ियों से आधुनिक तकनीकों और बदलते खेल कौशल के अनुरूप स्वयं को तैयार करने का आह्वान किया।

मुख्य अतिथि कोल्हान विश्वविद्यालय के खेल निदेशक डॉ. एम.एम. सिंह ने कहा कि आज खेल वैश्विक स्तर पर महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। खेल न केवल शारीरिक विकास का माध्यम हैं, बल्कि अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, टीम भावना और व्यक्तित्व निर्माण में भी अहम योगदान देते हैं।
इस अवसर पर समाजसेवी सुरेश प्रसाद सिंह, अभिषेक दोदराजका, विक्रम खिरवाल तथा पर्यवेक्षक के रूप में डीएवी चिरिया के प्राचार्य डी.के. पाणिनी उपस्थित रहे।
प्रतियोगिताओं में बसंत खंडेलवाल, सुनील प्रजापति, सुशील पूर्ति और अर्जुन महाकुड़ सहित अन्य विशेषज्ञों ने निर्णायक की भूमिका निभाई। प्रतियोगिता में डीएवी बिष्टुपुर, एनआईटी, चाईबासा, झींकपानी, नोवामुंडी, चिरिया और बहरागोड़ा के खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया।
समापन समारोह में विभिन्न स्पर्धाओं के विजेता खिलाड़ियों को पदक देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर प्राचार्य ओ.पी. मिश्रा ने कहा कि खेल केवल जीत-हार तक सीमित नहीं हैं, बल्कि चरित्र निर्माण, अनुशासन और स्वस्थ जीवन की मजबूत नींव रखते हैं। उन्होंने सभी प्रतिभागियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने आकर्षक मार्च-पास्ट, समूहगान और योग प्रदर्शन प्रस्तुत कर उपस्थित अतिथियों एवं दर्शकों का मन मोह लिया। कार्यक्रम का सफल संचालन सुधा सिंह एवं ईशिका कुमारी ने किया।




