*मजदूरों की समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो होगा आंदोलन : रामा पांडे*

चाईबासा: झारखंड मजदूर संघर्ष संघ (झामसंसं) के यूनियन कार्यालय में मजदूरों की विभिन्न समस्याओं और मांगों को लेकर बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता संघ के केंद्रीय अध्यक्ष रामा पांडे ने की। इसमें मजदूरों से जुड़ी लंबित समस्याओं पर चर्चा करते हुए सेल प्रबंधन से जल्द समाधान की मांग की गई।
बैठक में ठेका मजदूरों को अब तक जॉइनिंग लेटर नहीं मिलने का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। संघ ने कहा कि दुर्घटना की स्थिति में मजदूरों की जिम्मेदारी तय करने के लिए ठेकेदारों की ओर से तत्काल जॉइनिंग लेटर उपलब्ध कराया जाना चाहिए। इसके अलावा न्यूनतम मजदूरी से कम भुगतान, समय पर वेतन नहीं मिलने तथा फर्जी हस्ताक्षर और अंगूठे के निशान के माध्यम से मजदूरी निकासी के मामलों की निष्पक्ष जांच की मांग की गई।
गुवा सेल अस्पताल की स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार, नियमित सफाई, नई एक्स-रे मशीन, विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति, पर्याप्त दवाओं की उपलब्धता, बेहतर भोजन, मधुमेह मरीजों के लिए अलग डाइट, नया एंबुलेंस और सफाई कर्मियों की बहाली की मांग भी रखी गई। लंबित सिविल कार्य शुरू कराने की भी मांग की गई।
मजदूर क्वार्टरों की छत से बारिश का पानी टपकने और गंदा पानी घरों में घुसने की समस्या का स्थायी समाधान करने के साथ 500 नए क्वार्टर बनाने की मांग की गई। इस्को मध्य विद्यालय में एडॉप्ट शिक्षक और डीएवी स्कूल में नए शिक्षकों की नियुक्ति, रिट्रेंचमेंट बेनिफिट तथा कोबरा सिक्योरिटी गार्डों के लंबित भुगतान का मुद्दा भी बैठक में उठाया गया।
संघ ने कहा कि सेल प्रबंधन ने 500 ठेका मजदूरों की बहाली का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक केवल 18 लोगों की नियुक्ति हुई है। सेमी-स्किल्ड और स्किल्ड श्रमिकों के लंबित भुगतान को जारी करने की मांग भी की गई।
रामा पांडे ने कहा कि मजदूरों की समस्याओं को लेकर प्रबंधन से कई बार वार्ता हो चुकी है, लेकिन अब तक समाधान नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि मांगों का जल्द समाधान नहीं किया गया तो सेल के खिलाफ आंदोलन किया जाएगा। जनरल ऑफिस के समक्ष प्रदर्शन और प्रबंधन का पुतला दहन करने की चेतावनी भी दी गई। उन्होंने सीजीएम चंद्रभूषण कुमार पर समस्याओं के प्रति मौन रहने का आरोप लगाया।
बैठक में महामंत्री अंतरयामी महाकुड़, राजेश यादव, पदमा केसरी, आरती होरो, संजय सांडिल, प्रशांत चाम्पिया समेत सेलकर्मी, ठेका कर्मी और ग्रामीण मौजूद थे।




