गोद में बच्चे, सामने उफनती नदी… जानुमटांडी में पुलिया का इंतजार, ग्रामीणों ने नदी में खड़े होकर उठाई आवाज

डुमरिया। पूर्वी सिंहभूम जिले के डुमरिया प्रखंड अंतर्गत खैरबानी पंचायत के खैरबानी गांव के टोला जानुमटांडी में गुडराघाटी नदी पर पुलिया नहीं होने से बरसात के दिनों में ग्रामीणों की परेशानी बढ़ गई है। नदी का जलस्तर बढ़ते ही गांव का आवागमन प्रभावित हो जाता है। पैदल नदी पार करना भी जोखिम भरा हो जाता है, जबकि दोपहिया, तीनपहिया और चारपहिया वाहनों की आवाजाही लगभग असंभव हो जाती है।

सबसे अधिक परेशानी स्कूली बच्चों और मरीजों को उठानी पड़ रही है। ग्रामीण अभिभावक बच्चों को गोद और कंधे पर उठाकर नदी पार कराने को मजबूर हैं। जलस्तर अधिक बढ़ने पर कई बार बच्चों को स्कूल भेजना भी संभव नहीं हो पाता, जिससे उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है। वहीं, किसी ग्रामीण के बीमार पड़ने पर उसे अस्पताल तक पहुंचाना भी बड़ी चुनौती बन जाता है।

ग्रामीणों के अनुसार, गुडराघाटी नदी पर पुलिया निर्माण की मांग लंबे समय से की जा रही है। इसको लेकर मुखिया, विधायक और सांसद समेत जनप्रतिनिधियों से कई बार गुहार लगाई गई है। प्रशासन को भी लिखित आवेदन देकर पुल निर्माण की मांग की गई, लेकिन अब तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका है।
ग्रामीणों में इस बात को लेकर नाराजगी है कि वर्षों से पुलिया निर्माण की मांग उठाई जा रही है, लेकिन यह मांग अब तक कागजों तक ही सीमित है। बरसात के दिनों में हर वर्ष ग्रामीणों को इसी समस्या का सामना करना पड़ता है। पुलिया के अभाव में शिक्षा, स्वास्थ्य और दैनिक आवागमन तीनों प्रभावित हो रहे हैं।
पुलिया निर्माण की मांग को लेकर शनिवार को बड़ी संख्या में ग्रामीण नदी पर पहुंचे और नदी में खड़े होकर प्रशासन एवं जनप्रतिनिधियों के प्रति नाराजगी जाहिर की। ग्रामीणों ने जल्द से जल्द गुडराघाटी नदी पर पुलिया निर्माण कराने की मांग की। उनका कहना है कि पुलिया बनने से जानुमटांडी समेत आसपास के ग्रामीणों को सालभर सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिल सकेगी।
इस दौरान मोहन मार्डी, सुधीर हेंब्रम, दिवाकर मार्डी, छोटा धानो हांसदा, राम हांसदा, सोनामुनी मार्डी, मालोती मार्डी, मंगला मार्डी, घासीया मार्डी, फागु हांसदा, सुंदर मुर्मू, धीरेन हेंब्रम, सोलमा मार्डी, तुसील हेंब्रम सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।




