विश्व आदिवासी दिवस पर पश्चिमी सिंहभूम में रक्तदान का महाअभियान, सात स्थानों पर 509 यूनिट रक्त संग्रह

चाईबासा। विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर पश्चिमी सिंहभूम जिले में ‘प्रोजेक्ट जागृति–बेहतर स्वास्थ्य की ओर एक कदम’ के तहत शनिवार को वृहद रक्तदान अभियान चलाया गया। जिले के सात स्थानों पर आयोजित रक्तदान शिविरों में विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे लोगों ने उत्साहपूर्वक रक्तदान किया। अभियान के दौरान कुल 509 यूनिट रक्त संग्रह किया गया।

रक्तदान शिविर सदर अस्पताल चाईबासा स्थित कुपोषण उपचार केंद्र, अनुमंडल अस्पताल चक्रधरपुर, नोआमुंडी, गुआ क्लब सहित कुमारडुंगी, मझगांव, मंझारी और जगन्नाथपुर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में आयोजित किए गए। सभी शिविरों में रक्तदाताओं में खासा उत्साह देखने को मिला।
जिला प्रशासन की ओर से रक्तदाताओं को उनके सामाजिक योगदान के लिए प्रशस्ति पत्र, टी-शर्ट सहित अन्य सामग्री देकर सम्मानित किया गया। साथ ही लोगों से नियमित रक्तदान करने और अपने परिवार, मित्रों तथा समाज के अन्य लोगों को स्वैच्छिक रक्तदान के लिए प्रेरित करने की अपील की गई।
विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मियों ने बढ़ाया अभियान का उत्साह
प्रोजेक्ट जागृति के तहत आयोजित इस अभियान में जिले के विभिन्न विभागों और संस्थानों के पदाधिकारी एवं कर्मियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। कार्यपालक अभियंता, सहायक अभियंता, कनीय अभियंता, शिक्षक-शिक्षिकाएं, जेएसएलपीएस की दीदियां, जल सहिया, जन वितरण प्रणाली के डीलर सहित समाज के विभिन्न वर्गों से जुड़े लोगों ने रक्तदान किया।
अभियान में समाज के विभिन्न वर्गों की भागीदारी ने यह संदेश दिया कि रक्तदान केवल स्वास्थ्य सेवा से जुड़ा कार्य नहीं, बल्कि सामूहिक सामाजिक जिम्मेदारी भी है। जरूरतमंद मरीजों को समय पर रक्त उपलब्ध कराने में स्वैच्छिक रक्तदान की महत्वपूर्ण भूमिका है।
स्वैच्छिक रक्तदान को बढ़ावा देना उद्देश्य
‘प्रोजेक्ट जागृति–बेहतर स्वास्थ्य की ओर एक कदम’ के माध्यम से जिले में स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने के साथ सामुदायिक सहभागिता को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। रक्तदान शिविरों का उद्देश्य लोगों को स्वैच्छिक रक्तदान के प्रति जागरूक करना और जिले में नियमित रक्तदान की संस्कृति को मजबूत करना है।
जिला प्रशासन ने सभी रक्तदाताओं के प्रति आभार जताते हुए कहा कि एक यूनिट रक्त किसी जरूरतमंद मरीज के लिए जीवन की उम्मीद बन सकता है। स्वस्थ और पात्र नागरिकों से आगे आकर स्वैच्छिक रक्तदान करने तथा दूसरों को भी प्रेरित करने की अपील की गई। विश्व आदिवासी दिवस पर आयोजित इस अभियान ने ‘स्वस्थ समाज, मजबूत समाज’ के संकल्प को और मजबूती प्रदान की।




