कोटसोना-अरगुंडी के बीच नदी में युवक का क्षत-विक्षत शव मिला, हत्या की आशंका; पुलिस जांच में जुटी

चाईबासा: पश्चिमी सिंहभूम जिले के मुफस्सिल थाना क्षेत्र के कोटसोना और अरगुंडी गांव के बीच स्थित नदी से रविवार सुबह लगभग 30 वर्षीय जॉन जोंकों गागराई का क्षत-विक्षत शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। सूचना मिलते ही मुफस्सिल थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। प्रारंभिक जांच में पुलिस मामले को हत्या मानकर विभिन्न पहलुओं की पड़ताल कर रही है।

मृतक के पिता गोपीनाथ गागराई और मामा बौदा जामुदा ने बताया कि शनिवार रात करीब आठ बजे जॉन के मोबाइल पर एक फोन आया था। इसके बाद वह अपने दोस्त उदय जामुदा के साथ एक परिचित को छोड़ने दूसरे गांव गया। लौटते समय दोनों कोटसोना गांव में रुके और वहां हड़िया पी। कुछ देर बाद जॉन नदी किनारे शौच के लिए गया। परिजनों का आरोप है कि इसी दौरान 8 से 10 अज्ञात लोग चेहरे पर कपड़ा बांधकर पहुंचे और धारदार हथियार से उस पर हमला कर दिया। बीच-बचाव करने पहुंचे उदय जामुदा पर भी कुल्हाड़ी से हमला किया गया। हमलावर उसे मृत समझकर झाड़ियों में छोड़कर फरार हो गए।
परिजनों का आरोप है कि हमलावरों ने हत्या के बाद शव के साथ भी क्रूरता की। शव को क्षत-विक्षत कर नदी में फेंक दिया गया।
रविवार सुबह ग्रामीण नदी पहुंचे तो उन्होंने शव देखा, जबकि पास की झाड़ियों में उदय जामुदा घायल अवस्था में मिला। वह किसी तरह गांव पहुंचा और घटना की जानकारी परिजनों को दी। इसके बाद स्थानीय जनप्रतिनिधियों, मानकी नाजिर जामुदा और पुलिस को सूचना दी गई।
पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से करीब चार घंटे तक नदी और आसपास के क्षेत्र में सर्च अभियान चलाया। इस दौरान शव के कटे हुए दोनों हाथ और दोनों पैर बरामद कर लिए गए, लेकिन समाचार लिखे जाने तक सिर बरामद नहीं हो सका था।
मुफस्सिल थाना प्रभारी विनोद कुमार ने बताया कि घायल उदय जामुदा को इलाज के लिए भेजा गया है। उससे पूछताछ की जा रही है और उसके बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
परिजनों के अनुसार, जॉन जोंकों गागराई ने आईटीआई तक शिक्षा प्राप्त की थी और बेंगलुरु में नौकरी करता था। वह करीब एक माह पहले अपने गांव आया था। पुलिस हत्या के कारणों और आरोपितों की पहचान के लिए जांच में जुटी हुई है।




