
मनोहरपुर : महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के तहत वित्तीय वर्ष 2025-26 में संचालित योजनाओं की जनसुनवाई एवं सामाजिक अंकेक्षण (सोशल ऑडिट) शुक्रवार को मनोहरपुर प्रखंड के विभिन्न पंचायत सभागारों में आयोजित की गई। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता, जवाबदेही और गुणवत्ता सुनिश्चित करना था। जनसुनवाई में बड़ी संख्या में ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों तथा संबंधित विभागीय कर्मियों ने भाग लिया। कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्र निर्माण और संवैधानिक मूल्यों के प्रति प्रतिबद्धता व्यक्त करते हुए उपस्थित सभी लोगों को भारतीय संविधान की शपथ दिलाकर की गई।
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मस्टर रोल और अभिलेखों की हुई गहन जांच
सोशल ऑडिट के दौरान पंचायतों में संचालित मनरेगा योजनाओं की प्रगति, मस्टर रोल, अभिलेखों तथा अन्य दस्तावेजों की विस्तार से जांच की गई। सोशल ऑडिट टीम ने विभिन्न योजनाओं का भौतिक सत्यापन करते हुए कार्यस्थलों का निरीक्षण किया और रिकॉर्ड में दर्ज विवरण का वास्तविक स्थिति से मिलान किया। जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद सोशल ऑडिटरों ने अपना प्रतिवेदन ज्यूरी के समक्ष प्रस्तुत किया। इस दौरान योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता बनाए रखने और कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया गया।
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ग्रामीणों की शिकायतें सुनी गईं, सुधारात्मक कार्रवाई के निर्देश
जनसुनवाई के दौरान ग्रामीणों ने मनरेगा योजनाओं से संबंधित अपनी शिकायतें, सुझाव और समस्याएं ज्यूरी के समक्ष रखीं। ज्यूरी ने पाई गई त्रुटियों को निर्धारित समय सीमा के भीतर दूर करने तथा जांच में दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई और जुर्माना लगाने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने स्पष्ट कहा कि मनरेगा का उद्देश्य ग्रामीणों को रोजगार उपलब्ध कराना और ग्रामीण विकास को गति देना है, इसलिए योजनाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस अवसर पर संबंधित पंचायतों के मुखिया, पंचायत सचिव, रोजगार सेवक, सोशल ऑडिट टीम के सदस्य, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में लाभार्थी ग्रामीण उपस्थित रहे।




