
पोटका : जिले के उपायुक्त के निर्देश पर शुक्रवार को पोटका अंचल कार्यालय में ब्रेन मलेरिया की रोकथाम एवं जनजागरूकता को लेकर ग्राम प्रधानों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिला मलेरिया पदाधिकारी, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पोटका के प्रभारी डॉ. सुकांत सीट, अंचलाधिकारी निकिता बाला तथा अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने ग्राम प्रधानों को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने गांवों में ग्राम सभा आयोजित कर लोगों को ब्रेन मलेरिया के प्रति जागरूक करें। साथ ही ग्रामीणों को बीमारी के लक्षणों की पहचान, समय पर जांच और उपचार के महत्व की जानकारी देने पर बल दिया गया।
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जनभागीदारी से ही संक्रमण पर पाया जा सकता है नियंत्रण
बैठक में अधिकारियों ने कहा कि ब्रेन मलेरिया की रोकथाम के लिए सामुदायिक सहभागिता बेहद आवश्यक है। ग्राम प्रधानों को निर्देश दिया गया कि वे ग्रामीणों को नियमित रूप से मच्छरदानी के उपयोग, घर और आसपास की साफ-सफाई बनाए रखने तथा मच्छरों के प्रजनन स्थलों को नष्ट करने के प्रति जागरूक करें। इसके अलावा बुखार या मलेरिया के लक्षण दिखाई देने पर तुरंत स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराने और चिकित्सकों द्वारा दी गई दवाओं का पूरा सेवन करने की सलाह दी गई। अधिकारियों ने कहा कि ग्राम स्तर पर जागरूकता बढ़ाकर संक्रमण को फैलने से रोका जा सकता है और संभावित जनहानि से बचाव संभव है। स्वास्थ्य विभाग ने अभियान को सफल बनाने में ग्राम प्रधानों से सक्रिय सहयोग की अपील की।




