कुलुपतांगा बस्ती में जल संकट को लेकर महिलाओं में आक्रोश, 15 अक्टूबर को जिंदल कार्यालय घेराव की चेतावनी

आदित्यपुर, 11 अक्टूबर 2026। आदित्यपुर के कुलुपतांगा बस्ती में पेयजल संकट गहराता जा रहा है। हर घर नल जल योजना के तहत सभी घरों तक पानी नहीं पहुंचने और कई घरों में महीनों से जलापूर्ति बंद रहने की शिकायत को लेकर बस्ती की महिलाओं में नाराजगी है। इस मुद्दे पर रविवार को SUCI (कम्युनिस्ट) आदित्यपुर-2 लोकल कमेटी की ओर से महिलाओं की आम बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता कुलुपतांगा सेल इंचार्ज कॉमरेड देवा मुखी ने की, जबकि SUCI (C) झारखंड राज्य कमेटी की सदस्य कॉमरेड लिली दास उपस्थित रहीं।
बैठक में महिलाओं ने हर घर नल जल योजना के क्रियान्वयन में कथित भ्रष्टाचार और अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए अपनी समस्याएं रखीं। उनका कहना था कि बस्ती के सैकड़ों घरों में अब तक पानी का कनेक्शन नहीं दिया गया है। वहीं, जिन घरों में कनेक्शन उपलब्ध कराया गया है, उनमें से लगभग 40 घरों में महीनों से पानी नहीं आ रहा है। महिलाओं ने यह भी आरोप लगाया कि कई गलियों में JWiL जिंदल कंपनी की ओर से अब तक पाइपलाइन नहीं बिछाई गई है।
बैठक में यह मुद्दा भी उठाया गया कि कुछ गरीब परिवारों को होल्डिंग टैक्स के कागजात की मांग के आधार पर पानी का कनेक्शन देने से मना किया जा रहा है। महिलाओं ने संबंधित विभाग और कंपनी से इन समस्याओं का जल्द समाधान करने तथा बस्ती के सभी घरों तक नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की।
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि यदि 15 अक्टूबर 2026 तक हर घर में पानी की व्यवस्था सुनिश्चित नहीं की जाती है, तो उसी दिन कुलुपतांगा बस्ती की महिलाएं JWiL जिंदल कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन करेंगी।
इस दौरान कॉमरेड देवा मुखी ने कहा कि पानी कोई खैरात नहीं, बल्कि बस्तीवासियों का मौलिक अधिकार है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार और कंपनी की मिलीभगत के कारण गरीब परिवारों को पेयजल की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस समस्या को अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और लोगों को पानी उपलब्ध कराने के लिए आंदोलन किया जाएगा।
बैठक के माध्यम से महिलाओं ने संबंधित अधिकारियों और कंपनी प्रबंधन से मांग की कि जलापूर्ति व्यवस्था में आ रही बाधाओं को दूर कर सभी प्रभावित परिवारों को जल्द से जल्द नियमित पेयजल उपलब्ध कराया जाए।




