*विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस पर टीएमएच नोआमुंडी ने चलाया जागरूकता अभियान, 500 से अधिक लोग हुए शामिल*

चाईबासा: विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर टाटा मेन हॉस्पिटल (टीएमएच), नोआमुंडी के ऑक्यूपेशनल हेल्थ सर्विसेज (ओएचएस) की ओर से नोआमुंडी कॉलेज और पद्मावती जैन सरस्वती शिशु मंदिर में मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना और इससे जुड़ी समस्याओं पर खुलकर चर्चा करने के लिए प्रोत्साहित करना था।
इस वर्ष विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस की थीम *‘व्यक्तिगत अनुभवों को सुनें: वास्तविक आवाज़ें, वास्तविक बदलाव’* रखी गई थी। इसी के अनुरूप दोनों शिक्षण संस्थानों में आयोजित कार्यक्रमों में 500 से अधिक छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और अन्य कर्मचारियों ने भाग लिया।
कार्यक्रम के दौरान तनाव, अवसाद, फोबिया और नशे की लत जैसी मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं पर चर्चा की गई। साथ ही इन समस्याओं की रोकथाम, समय पर पहचान और उचित परामर्श के महत्व के बारे में जानकारी दी गई। प्रश्नोत्तर सत्र में विद्यार्थियों ने अपनी जिज्ञासाएं रखीं और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की। अपनी समस्याएं साझा करने वाले 15 से 20 विद्यार्थियों को व्यक्तिगत परामर्श भी दिया गया।
कार्यक्रम का संचालन टीएमएच नोआमुंडी के सीनियर रजिस्ट्रार एवं ऑक्यूपेशनल हेल्थ के प्रभारी डॉ. अमला शंकर चटर्जी ने किया। पद्मावती जैन सरस्वती शिशु मंदिर में आयोजित सत्र में टीएमएच नोआमुंडी के सीनियर रजिस्ट्रार डॉ. गौरव मिश्रा ने भी विद्यार्थियों को मार्गदर्शन दिया।
इस अवसर पर नोआमुंडी कॉलेज के प्राचार्य मनोजीत बिस्वास और पद्मावती जैन सरस्वती शिशु मंदिर की प्राचार्या सीमा पलित उपस्थित रहीं। दोनों संस्थानों के शिक्षक और अन्य कर्मचारी भी कार्यक्रम में शामिल हुए।
इस पहल के माध्यम से विद्यार्थियों और स्थानीय समुदाय को मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी भ्रांतियों को दूर करने तथा जरूरत पड़ने पर समय पर उचित परामर्श और सहायता लेने के लिए जागरूक किया गया। कार्यक्रम में मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं पर खुलकर बात करने और दूसरों के अनुभवों को समझने का संदेश दिया गया।




