प्रतिमा विवाद में कोड़ा दंपति को घसीटना दुर्भाग्यपूर्ण, अभद्र टिप्पणी की निष्पक्ष जांच हो : भाजपा

चाईबासा: टाटा बाईपास चौक पर दिशोम गुरु शिबू सोरेन की प्रस्तावित प्रतिमा स्थापना को लेकर चल रहे विवाद के बीच भारतीय जनता पार्टी ने स्पष्ट किया है कि इस मामले में पार्टी अथवा पूर्व सांसद गीता कोड़ा की कोई भूमिका नहीं है। भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि झामुमो नेताओं द्वारा कोड़ा दंपति को विवाद से जोड़ना राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित है।

भाजपा पश्चिमी सिंहभूम के जिला महामंत्री भूषण पाट पिंगुवा और भारतीय जनता युवा मोर्चा के जिला अध्यक्ष चंद्र मोहन तिऊ ने संयुक्त बयान जारी कर कहा कि प्रतिमा विवाद को लेकर भाजपा और पूर्व सांसद गीता कोड़ा पर लगाए जा रहे आरोप निराधार हैं। उन्होंने कहा कि बिना तथ्यों के किसी व्यक्ति या राजनीतिक दल को विवाद में घसीटना उचित नहीं है।
भूषण पाट पिंगुवा ने कहा कि यदि आंदोलन के दौरान पूर्व सांसद गीता कोड़ा के खिलाफ अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया है या सार्वजनिक रूप से किसी प्रकार की धमकी दी गई है, तो पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी महिला जनप्रतिनिधि के प्रति इस तरह की भाषा और व्यवहार लोकतांत्रिक मूल्यों तथा झारखंड की सामाजिक संस्कृति के अनुरूप नहीं है।
वहीं भाजयुमो जिला अध्यक्ष चंद्र मोहन तिऊ ने कहा कि मझगांव की घटना हो या नो-एंट्री आंदोलन, पूर्व सांसद गीता कोड़ा लगातार जनहित से जुड़े मुद्दों को उठाती रही हैं। ऐसे में उन्हें प्रतिमा विवाद से जोड़कर राजनीतिक लाभ लेने का प्रयास अनुचित है।
भाजपा नेताओं ने कहा कि पार्टी लोकतांत्रिक तरीके से विरोध और आंदोलन करने के अधिकार का सम्मान करती है, लेकिन झूठे आरोप, व्यक्तिगत टिप्पणी और धमकी की राजनीति स्वीकार नहीं की जा सकती।
अंत में भाजपा नेताओं ने जिला प्रशासन से पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ विधिसम्मत कार्रवाई करने की मांग की। साथ ही झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेताओं से बिना तथ्य के बयानबाजी से बचने और राजनीतिक मर्यादा बनाए रखने की अपील की।




