नाबालिग से दुष्कर्म व हत्या के दोषी को अंतिम सांस तक आजीवन कारावास, अदालत ने सुनाई कठोर सजा

चाईबासा: पश्चिमी सिंहभूम जिले के मंझारी थाना क्षेत्र में वर्ष 2022 में नाबालिग बच्ची से दुष्कर्म और हत्या के मामले में अदालत ने आरोपी को अंतिम सांस तक आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अपर सत्र न्यायाधीश द्वितीय, पश्चिमी सिंहभूम संतोष आनंद की अदालत ने विशेष पोक्सो केस संख्या-18/2022 में आरोपी रामलाल बिरूवा उर्फ रामलाल मुण्डा को दोषी ठहराते हुए यह फैसला सुनाया।

मंझारी थाना कांड संख्या-20/2022 (दिनांक 21 मार्च 2022) के तहत आरोपी पर नाबालिग बच्ची से दुष्कर्म, हत्या और साक्ष्य मिटाने के आरोप में भारतीय दंड संहिता की धारा 302, 201, 376(2)(ई) तथा पोक्सो अधिनियम, 2012 की धारा 4/6 के तहत मामला दर्ज किया गया था।
जांच के दौरान चाईबासा पुलिस ने वैज्ञानिक तरीके से साक्ष्य जुटाए और पर्याप्त प्रमाणों के आधार पर आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। सुनवाई पूरी होने के बाद न्यायालय ने आरोपी को पोक्सो अधिनियम की धारा 6 के तहत अंतिम सांस तक आजीवन कारावास एवं 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। साथ ही भारतीय दंड संहिता की धारा 201 के तहत तीन वर्ष के कारावास और 25 हजार रुपये जुर्माने का भी आदेश दिया।
न्यायालय का यह फैसला नाबालिगों के विरुद्ध गंभीर अपराधों में प्रभावी अनुसंधान और वैज्ञानिक साक्ष्यों के महत्व को रेखांकित करता है।




