बेहतर रेल सुविधाओं की मांग को लेकर चाईबासा चेम्बर का प्रतिनिधिमंडल डीआरएम से मिला, जनशताब्दी के नियमित परिचालन का मिला भरोसा

चाईबासा: पश्चिमी सिंहभूम समेत पूरे कोल्हान क्षेत्र में रेल यात्री सुविधाओं के विस्तार और सुधार की मांग को लेकर चाईबासा चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज का प्रतिनिधिमंडल चक्रधरपुर रेल मंडल के मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) तरुण हुरिया से मिला। प्रतिनिधिमंडल ने यात्री सुविधाओं से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तृत ज्ञापन सौंपते हुए कई महत्वपूर्ण मांगें रखीं।

प्रतिनिधिमंडल में चाईबासा नगर परिषद अध्यक्ष एवं चेम्बर के पूर्व अध्यक्ष नितिन प्रकाश, चेम्बर अध्यक्ष संजय चौबे, निवर्तमान अध्यक्ष मधुसूदन अग्रवाल, उपाध्यक्ष राजीव खिरवाल, संयुक्त सचिव गोविंदा खेतान तथा विवेक कुमार सिन्हा शामिल थे।
बैठक के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने डीआरएम तरुण हुरिया का स्वागत करते हुए चक्रधरपुर रेल मंडल में उनके नेतृत्व में हो रहे कार्यों की सराहना की। साथ ही कोल्हान क्षेत्र की वर्षों पुरानी रेल समस्याओं के समाधान की आवश्यकता पर जोर दिया।
चेम्बर ने बताया कि चक्रधरपुर रेल मंडल भारतीय रेलवे के सबसे अधिक राजस्व अर्जित करने वाले मंडलों में शामिल होने के बावजूद कोल्हान क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण यात्री सुविधाओं का अभाव है। प्रतिनिधिमंडल ने विशेष रूप से बड़बिल–हावड़ा जनशताब्दी एक्सप्रेस के अनियमित परिचालन का मुद्दा उठाया। उनका कहना था कि इससे विद्यार्थियों, मरीजों, व्यवसायियों और आम यात्रियों को काफी परेशानी होती है।
इस पर डीआरएम तरुण हुरिया ने बताया कि ट्रेन की समयबद्धता में पहले की तुलना में सुधार हुआ है तथा इसे पूरी तरह नियमित और समयनिष्ठ बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
प्रतिनिधिमंडल की प्रमुख मांगें
बड़बिल–हावड़ा जनशताब्दी एक्सप्रेस का नियमित एवं समयबद्ध परिचालन।
भुवनेश्वर–नई दिल्ली तेजस राजधानी एक्सप्रेस और पुरी–हरिद्वार उत्कल एक्सप्रेस का परिचालन बांसपानी–चाईबासा मार्ग से कराया जाए।
चाईबासा रेलवे स्टेशन के पश्चिमी प्रवेश द्वार का विकास एवं सौंदर्यीकरण।
चाईबासा, डोंगापोसी, नोआमुंडी और बड़ा जामदा रेलवे स्टेशनों पर यात्री शेड और आधुनिक विश्राम गृह का निर्माण।
चाईबासा से गुवा के बीच प्रमुख रेलवे फाटकों पर चरणबद्ध तरीके से रेल ओवरब्रिज का निर्माण।
बैठक में चाईबासा रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म की अपर्याप्त लंबाई का मुद्दा भी उठाया गया। प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि कई बार ट्रेन के अंतिम दो डिब्बे प्लेटफॉर्म से बाहर रुक जाते हैं, जिससे वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं और दिव्यांग यात्रियों को चढ़ने-उतरने में कठिनाई होती है। इस पर डीआरएम ने संबंधित अधिकारियों को प्लेटफॉर्म की लंबाई का तकनीकी निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
डीआरएम तरुण हुरिया ने जानकारी दी कि हाता में नए रेलवे स्टेशन के निर्माण का प्रस्ताव रेलवे बोर्ड को भेजा जा चुका है। साथ ही पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां को बेहतर रेल संपर्क से जोड़ने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है।
बैठक के अंत में डीआरएम ने प्रतिनिधिमंडल की सभी मांगों पर सकारात्मक और सहानुभूतिपूर्वक विचार करने का आश्वासन दिया। वहीं चाईबासा चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज ने उम्मीद जताई कि रेलवे प्रशासन के साथ निरंतर संवाद से कोल्हान क्षेत्र के यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और क्षेत्र के व्यापार, पर्यटन तथा आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी।




