जादूगोड़ा में पूर्व यूसीआईएल कर्मी के दो इंक्रीमेंट रोकने के मामले में धनबाद श्रम न्यायालय ने लिया संज्ञान, प्रबंधन को 23 अक्टूबर को जवाब दाखिल करने का आदेश
पूर्व कर्मी विद्या शर्मा की शिकायत पर सुनवाई, निर्धारित तिथि पर उपस्थित नहीं होने पर एकतरफा कार्रवाई की चेतावनी

जादूगोड़ा: पूर्व यूसीआईएल कर्मी विद्या शर्मा के वर्ष 2020 और 2021 में दो इंक्रीमेंट रोकने से जुड़े मामले में धनबाद श्रम न्यायालय-01 ने संज्ञान लेते हुए यूसीआईएल प्रबंधन को आगामी 23 अक्टूबर को रिटर्न स्टेटमेंट एवं रिजॉइंडर प्रस्तुत करने का आदेश दिया है। न्यायालय की ओर से यूसीआईएल के महाप्रबंधक (कार्मिक एवं औद्योगिक संबंध) को पत्र भेजकर निर्धारित तिथि पर आवश्यक दस्तावेज एवं जवाब प्रस्तुत करने को कहा गया है। पत्र में यह भी कहा गया है कि निर्धारित तिथि पर उपस्थित नहीं होने अथवा किसी अधिकृत प्रतिनिधि को नहीं भेजने की स्थिति में एकतरफा कार्रवाई की जा सकती है। मामले के संबंध में पूर्व यूसीआईएल कर्मी विद्या शर्मा का आरोप है कि वर्ष 2020-2021 में तत्कालीन यूसीआईएल महाप्रबंधक मनोज कुमार की ओर से बिना ठोस साक्ष्य और दोहरे लाभ के पद पर कार्य करने के आरोप के आधार पर उनके खिलाफ कार्रवाई करते हुए दो इंक्रीमेंट रोक दिए गए और संबंधित लाभ से वंचित किया गया। विद्या शर्मा का यह भी आरोप है कि यूसीआईएल कर्मचारियों एवं अधिकारियों को ऋण उपलब्ध कराने वाली यूसीआईएल को-ऑपरेटिव सोसायटी में कई कर्मचारी दोहरे लाभ के पद पर कार्यरत थे, लेकिन उनके मामलों में समान कार्रवाई नहीं की गई और उनके खिलाफ पक्षपातपूर्ण कार्रवाई की गई। इन आरोपों की पुष्टि का अंतिम निर्णय संबंधित न्यायिक प्रक्रिया में होना है। मामले को लेकर पूर्व यूसीआईएल कर्मी विद्या शर्मा ने मजदूर संगठन झारखंड क्रांतिकारी मजदूर यूनियन के संयुक्त सचिव की मदद से चाईबासा श्रम न्यायालय में शिकायत दर्ज कराई थी। उनके अनुसार, इसके बाद मामला धनबाद श्रम न्यायालय में पहुंचा, जहां अब अगली सुनवाई 23 अक्टूबर को निर्धारित है। इस सुनवाई में यूसीआईएल प्रबंधन को रिटर्न स्टेटमेंट एवं रिजॉइंडर प्रस्तुत करना है।




