9वें राष्ट्रीय पोषण माह के तहत समाहरणालय में जिला स्तरीय व्यंजन प्रतियोगिता, आंगनबाड़ी सहायिकाओं ने पेश किए पौष्टिक व्यंजन

जमशेदपुर। मिशन सक्षम आंगनवाड़ी एवं पोषण 2.0 के तहत 9वें राष्ट्रीय पोषण माह 2026 के अवसर पर सोमवार को समाहरणालय में आंगनबाड़ी सहायिकाओं के बीच जिला स्तरीय व्यंजन प्रतियोगिता आयोजित की गई। प्रतियोगिता का उद्देश्य स्थानीय एवं आसानी से उपलब्ध खाद्य सामग्रियों से पौष्टिक व्यंजन तैयार करने के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा संतुलित एवं पोषणयुक्त आहार को दैनिक जीवन में अपनाने के लिए प्रेरित करना था।
प्रतियोगिता में जिले के विभिन्न बाल विकास परियोजना पदाधिकारियों द्वारा चयनित एक-एक आंगनबाड़ी केंद्र की सहायिकाओं ने हिस्सा लिया। प्रतिभागियों ने स्थानीय खाद्य सामग्रियों और पोषक तत्वों से भरपूर विभिन्न व्यंजन तैयार कर प्रस्तुत किए।
प्रतियोगिता में गोलमुरी-सह-जुगसलाई बाल विकास परियोजना कार्यालय को प्रथम पुरस्कार के रूप में 5,000 रुपये, बोड़ाम बाल विकास परियोजना कार्यालय को द्वितीय पुरस्कार के रूप में 3,000 रुपये तथा बहरागोड़ा बाल विकास परियोजना कार्यालय को तृतीय पुरस्कार के रूप में 2,000 रुपये प्रदान किए गए। प्रतियोगिता में शामिल सभी प्रतिभागियों को सहभागिता प्रमाण पत्र भी दिया गया।
इस अवसर पर जिला दण्डाधिकारी सह उपायुक्त राजीव रंजन ने कहा कि पोषण केवल भोजन की मात्रा से नहीं, बल्कि भोजन की गुणवत्ता और उसमें आवश्यक पोषक तत्वों की उपलब्धता से जुड़ा विषय है। उन्होंने कहा कि गर्भवती एवं धात्री माताओं, शिशुओं और बच्चों तक पोषण संबंधी संदेश पहुंचाने में आंगनबाड़ी सेविका एवं सहायिकाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है।
उपायुक्त ने स्थानीय स्तर पर उपलब्ध खाद्य सामग्रियों से पौष्टिक और स्वादिष्ट व्यंजन तैयार कर परिवारों को संतुलित आहार के प्रति जागरूक करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन पोषण के प्रति व्यवहार परिवर्तन और जन-जागरूकता बढ़ाने में प्रभावी भूमिका निभाते हैं।
कार्यक्रम में उप विकास आयुक्त नागेन्द्र पासवान, अपर उपायुक्त अनुराग तिवारी, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी, सीडीपीओ, महिला पर्यवेक्षिका, आंगनबाड़ी सेविका-सहायिका सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे।




