*शहीद सेलाय कुदादा के परिवार को अब तक नहीं मिला पूरा सम्मान, नौकरी दिलाने की मांग*

चाईबासा: पश्चिम सिंहभूम जिले के खुंटपानी प्रखंड के अंकोलकुटी गांव निवासी वीर शहीद सेलाय कुदादा के परिवार को लगभग 36 साल बाद भी सरकार की ओर से अपेक्षित सम्मान और सुविधाएं नहीं मिलने का मामला सामने आया है। खुंटपानी प्रखंड प्रमुख सिद्धार्थ होनहागा ने जिला प्रशासन से शहीद के परिवार की समस्याओं पर ध्यान देने और सरकारी प्रावधानों के तहत उनके बेटे को अनुकंपा के आधार पर नौकरी दिलाने का प्रयास करने की मांग की है।
सिद्धार्थ होनहागा के अनुसार, सेलाय कुदादा 8 अक्टूबर 1990 को जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर में आतंकवादियों के साथ मुठभेड़ के दौरान देश की रक्षा करते हुए शहीद हो गए थे। उस समय उनके बच्चे छोटे थे और परिवार की आर्थिक स्थिति भी कमजोर थी। शहीद की पत्नी को सरकारी सुविधाओं और योजनाओं की पूरी जानकारी नहीं होने के कारण परिवार को अपेक्षित लाभ प्राप्त करने में परेशानी हुई।
शहीद की पत्नी ने बताया कि जब उनके पति देश के लिए शहीद हुए, उस समय उनका छोटा बेटा महज पांच दिन का था। पति के निधन के बाद उन्होंने काफी कठिनाइयों का सामना करते हुए अपने बच्चों का पालन-पोषण किया और उन्हें पढ़ाया-लिखाया। वर्तमान में उन्हें पेंशन मिल रही है, लेकिन उससे परिवार का गुजारा करना मुश्किल हो रहा है।
प्रखंड प्रमुख ने कहा कि देश की रक्षा करते हुए अपनी जान कुर्बान करने वाले शहीद के परिवार को सम्मान और जरूरी सुविधाएं मिलनी चाहिए। हर साल शहीद दिवस मनाया जाता है, लेकिन शहीद के परिवार की समस्याओं का समाधान अब तक नहीं हो पाया है। उन्होंने यह भी बताया कि सरकार की ओर से शहीद के परिवार को जमीन दी गई है, लेकिन उस जमीन को लेकर अभी भी विवाद बना हुआ है।
सिद्धार्थ होनहागा ने पश्चिम सिंहभूम के उपायुक्त से मामले को गंभीरता से लेते हुए शहीद के परिवार की स्थिति की जानकारी लेने और जमीन विवाद का समाधान कराने की मांग की। साथ ही उन्होंने सरकार के निर्धारित नियमों और पात्रता के अनुसार शहीद के बेटे को अनुकंपा के आधार पर नौकरी दिलाने की दिशा में पहल करने का आग्रह किया, ताकि परिवार को आर्थिक सहारा मिल सके।




