पोटका में हल्दीपोखर रेलवे साइडिंग के प्रदूषण का मामला, भाजयुमो जिला मंत्री ने एडीसी को सौंपा ज्ञापन
कोयला और लौह अयस्क की ढुलाई से धूल-प्रदूषण का आरोप, आसपास के स्कूलों और ग्रामीणों के प्रभावित होने का दावा; मानकों का सख्ती से पालन कराने की मांग

पोटका: हल्दीपोखर रेलवे साइडिंग में प्रदूषण की जांच के लिए पहुंची एनजीटी की टीम के समक्ष भाजयुमो जमशेदपुर महानगर के जिला मंत्री गणेश सरदार ने ज्ञापन सौंपकर प्रदूषण पर रोक लगाने की मांग की। उन्होंने रेलवे साइडिंग से कोयला एवं लौह अयस्क की ढुलाई के दौरान सड़क और आसपास के क्षेत्रों में फैल रहे धूल-प्रदूषण को लेकर प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया।
चार विद्यालयों के छात्रों के प्रभावित होने का दावा
ज्ञापन में गणेश सरदार ने दावा किया कि रेलवे साइडिंग में कोयला और लौह अयस्क की ढुलाई के कारण आसपास के क्षेत्र में प्रदूषण फैल रहा है। उनके अनुसार, इससे क्षेत्र के चार प्रमुख विद्यालयों के छात्र-छात्राएं प्रभावित हो रहे हैं।
उन्होंने कहा कि हल्दीपोखर-हाता मुख्य सड़क से प्रतिदिन आवागमन करने वाले हजारों लोगों को भी धूल-प्रदूषण की समस्या का सामना करना पड़ रहा है।
घरों में डस्ट पहुंचने का आरोप
ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया गया कि साइडिंग से निकलने वाली कोयला और लौह अयस्क की धूल आसपास के गांवों तथा सड़क किनारे स्थित घरों तक पहुंच रही है। उन्होंने प्रशासन से इस पर तत्काल रोकथाम के उपाय करने की मांग की।
गणेश सरदार ने रेलवे साइडिंग के संचालन और स्थापना से जुड़े प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड तथा रेलवे के निर्धारित मानकों का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराने की मांग की, ताकि स्थानीय ग्रामीणों को प्रदूषण से राहत मिल सके।
जनहित याचिका की चेतावनी
भाजयुमो जिला मंत्री ने ज्ञापन के माध्यम से कहा कि यदि प्रदूषण की समस्या पर प्रभावी रोक नहीं लगाई गई और निर्धारित मानकों का सख्ती से पालन नहीं कराया गया, तो रेलवे साइडिंग के खिलाफ झारखंड उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दायर की जाएगी।
ज्ञापन में उठाए गए प्रदूषण संबंधी आरोप और प्रभावित लोगों की संख्या से जुड़े दावे गणेश सरदार की ओर से दिए गए हैं।




