पोटका में डीएसडी की सुस्त अनाज आपूर्ति से 130 पीडीएस दुकानदार परेशान, 15 तक अनाज पहुंचाने की मांग
प्रतिदिन आठ वाहनों की जरूरत के मुकाबले तीन-चार वाहनों से हो रहा उठाव; डीलर संघ ने रोस्टर में मनमानी का लगाया आरोप, आंदोलन की चेतावनी।

पोटका: डीएसडी के माध्यम से अनाज की धीमी आपूर्ति ने पोटका प्रखंड के करीब 130 पीडीएस दुकानदारों की परेशानी बढ़ा दी है। डीलरों के अनुसार नियमानुसार प्रत्येक माह की 15 तारीख तक चावल और गेहूं पीडीएस दुकानों तक पहुंच जाना चाहिए, लेकिन एफसीआई गोदाम से पर्याप्त मालवाहक वाहन उपलब्ध नहीं होने के कारण अनाज उठाव की गति धीमी बनी हुई है।
आठ वाहनों की जरूरत, तीन-चार से हो रहा उठाव
पीडीएस दुकानदारों के अनुसार प्रतिदिन करीब आठ मालवाहक वाहनों की जरूरत है, जबकि वर्तमान में तीन-चार वाहन ही उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इससे अनाज उठाव में देरी हो रही है और दुकानदारों को अनाज लेने के लिए पांच-छह बार तक पोटका का चक्कर लगाना पड़ रहा है।
डीलरों का कहना है कि समय पर अनाज नहीं पहुंचने से उन्हें कार्डधारियों को राशन उपलब्ध कराने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
रोस्टर में मनमानी का आरोप
डीलर संघ के अध्यक्ष अनवर अली ने आरोप लगाया कि डीएसडी की ओर से रोस्टर के अनुसार अनाज की आपूर्ति नहीं की जा रही है। उनके अनुसार कुछ दुकानदारों को प्राथमिकता देकर समय से पहले अनाज पहुंचाया जाता है, जबकि अन्य दुकानदारों को इंतजार करना पड़ता है।
उन्होंने कहा कि एक पंचायत में पांच पीडीएस दुकानें होने पर तीन दुकानों में पहले और दो दुकानों में बाद में अनाज पहुंचाने से पूरी वितरण व्यवस्था प्रभावित होती है। इसके कारण डीलरों को कार्डधारियों के आक्रोश का सामना करना पड़ रहा है।
किस्तों में अनाज मिलने से भी परेशानी
अनवर अली ने कहा कि गोदाम में लगे कर्मियों को भी डीलरों की ओर से दिहाड़ी देनी पड़ती है। इसके अलावा किस्तों में अनाज दिए जाने से भी दुकानदारों की परेशानी बढ़ रही है। उनका कहना है कि इन परिस्थितियों में लाभुकों को समय पर राशन उपलब्ध कराना चुनौतीपूर्ण होता जा रहा है।
15 तक अनाज नहीं पहुंचा तो आंदोलन की चेतावनी
डीलर संघ ने मांग की है कि प्रत्येक माह की 15 तारीख तक सभी पीडीएस दुकानों में चावल और गेहूं पहुंचाना सुनिश्चित किया जाए। संघ के अध्यक्ष ने चेतावनी दी कि यदि निर्धारित समय तक सभी दुकानों में अनाज नहीं पहुंचा तो पीडीएस दुकानदार संघ आंदोलन करेगा। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में इसकी पूरी जिम्मेदारी डीएसडी ठेकेदार की होगी।




