चाईबासा में मतदाता सूची की पारदर्शिता को लेकर कांग्रेस का मार्च, राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन
जिलाध्यक्ष सह विधायक सोनाराम सिंकु के नेतृत्व में कांग्रेस भवन से पुराना उपायुक्त कार्यालय तक निकला मार्च, मतदाता अधिकारों और निर्वाचन प्रक्रिया में जवाबदेही की मांग

चाईबासा: मतदाता सूची की शुचिता, प्रत्येक पात्र नागरिक के मताधिकार की रक्षा और निर्वाचन प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग को लेकर सोमवार को कांग्रेस की ओर से चाईबासा में मार्च निकाला गया। कांग्रेस जिलाध्यक्ष सह विधायक सोनाराम सिंकु के नेतृत्व में दोपहर 12 बजे कांग्रेस भवन से निकला मार्च शहर के विभिन्न प्रमुख मार्गों से होते हुए पुराने उपायुक्त कार्यालय पहुंचा। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मतदाता अधिकारों की सुरक्षा और निर्वाचन प्रक्रिया में जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग को लेकर नारेबाजी की। मार्च कांग्रेस भवन से शुरू होकर शहीद पार्क चौक, टैगोर पार्क चौक, सदर थाना चौक, मुख्य मार्ग, पोस्ट ऑफिस चौक, घंटा घर चौक और कोर्ट मार्ग होते हुए पुराने उपायुक्त कार्यालय पहुंचा। मार्च के समापन के बाद कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन उपायुक्त, पश्चिमी सिंहभूम के माध्यम से सौंपा। ज्ञापन में विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान मतदाता सूची में किए गए बदलावों की समीक्षा, मतदाताओं के अधिकारों की सुरक्षा तथा निर्वाचन प्रक्रिया में अधिक पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग रखी गई। कांग्रेस जिलाध्यक्ष सह विधायक सोनाराम सिंकु ने कहा कि मतदाता सूची लोकतांत्रिक व्यवस्था की आधारभूत कड़ी है और किसी पात्र नागरिक का नाम हटाने, नया नाम जोड़ने अथवा किसी प्रविष्टि में संशोधन करने से पहले संबंधित नागरिक को पर्याप्त सूचना, आपत्ति दर्ज कराने और अपना पक्ष रखने का प्रभावी अवसर मिलना चाहिए। उन्होंने विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान मतदाता सूची में हुए बदलावों की स्वतंत्र समीक्षा की मांग की। उन्होंने निर्वाचन आयोग की सूचना-प्रौद्योगिकी व्यवस्था, आंकड़ा प्रबंधन और केंद्रीकरण से जुड़ी प्रक्रियाओं के स्वतंत्र परीक्षण की आवश्यकता पर भी जोर दिया तथा मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार से संबंधित सार्वजनिक रूप से उठाए जा रहे आरोपों एवं प्रश्नों की निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच की मांग रखी। कांग्रेस जिला प्रभारी धर्मेन्द्र सोनकर ने कहा कि कांग्रेस संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा और स्वायत्तता का सम्मान करती है तथा निर्वाचन प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग का उद्देश्य लोकतांत्रिक संस्थाओं में जनता के विश्वास को मजबूत करना है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की मांग है कि सार्वजनिक आरोपों की स्वतंत्र जांच, महत्वपूर्ण निर्णयों की समीक्षा, विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान मतदाता सूची में हुए बदलावों की समीक्षा, निर्वाचन आयोग की सूचना-प्रौद्योगिकी व्यवस्था का स्वतंत्र परीक्षण और प्रत्येक मतदाता को प्रभावी सूचना, आपत्ति एवं सुनवाई का अधिकार सुनिश्चित किया जाए। मार्च में पूर्व विधायक देवेन्द्र नाथ चाम्पिया, प्रदेश सचिव मायाधर बेहरा, चंद्रशेखर दास, रईस रिजवी छब्बन, राम सिंह सावैयां, संयुक्त सचिव नितिमा बारी, अमित राय, जिला प्रवक्ता त्रिशानु राय, ओबीसी प्रकोष्ठ अध्यक्ष रंजीत यादव, कामगार जिलाध्यक्ष हसलुद्दीन खान, युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष प्रीतम बांकिरा, आदिवासी कांग्रेस राष्ट्रीय समन्वयक दीनबंधु बोयपाई, युवा कांग्रेस प्रदेश महासचिव अविनाश कोड़ाह, यूथ इंटक जिलाध्यक्ष सुरेश सावैयां, सेवादल मुख्य संगठक लक्ष्मण हासदा, एनएसयूआई जिलाध्यक्ष अनीश गोप सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे।




