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कोल्हान

*एमएमडीआर कानून को लेकर भाजपा ने झारखंड सरकार पर उठाए सवाल* 

चाईबासा : भारतीय जनता पार्टी ने एमएमडीआर संशोधन कानून को लेकर झारखंड सरकार पर सवाल उठाए हैं। भाजपा का आरोप है कि राज्य सरकार कानून का विरोध कर रही है, जबकि उसके लागू होने से खनिज क्षेत्र पश्चिम सिंहभूम सहित झारखंड के कई जिलों में पारदर्शिता बढ़ाने और अवैध खनन पर रोक लगाने में मदद मिल सकती है। यह मामला फिलहाल राज्य और केंद्र के बीच राजनीतिक बहस का विषय बना हुआ है। झारखंड सरकार ने संशोधित कानून के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाने का निर्णय लिया है।

खूंटी में भाजपा की ओर से आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा ने कहा कि झारखंड खनिज संपदा से समृद्ध राज्य है और यहां अवैध खनन तथा खनिजों के अवैध परिवहन के आरोप लगातार सामने आते रहे हैं। उनका कहना है कि अवैध खनन से राज्य के राजस्व को नुकसान होता है और सरकार को रॉयल्टी, टैक्स, डीएमएफटी तथा अन्य वैध राजस्व से नुकसान उठाना पड़ सकता है।

मधु कोड़ा ने आरोप लगाया कि अवैध खनन से होने वाली कथित कमाई का लाभ कुछ प्रभावशाली लोगों और सरकारी तंत्र से जुड़े तत्वों तक पहुंच रहा है, जबकि खनिज संपदा वाले क्षेत्रों की जनता को इसका अपेक्षित लाभ नहीं मिल पा रहा है।

भाजपा नेताओं के अनुसार एमएमडीआर संशोधन कानून का उद्देश्य खनिज संसाधनों के दोहन में पारदर्शिता बढ़ाना और खनन क्षेत्र में निवेश तथा रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देना है। हाल में भाजपा की ओर से भी कानून के समर्थन में यही तर्क दिया गया है, जबकि झामुमो और कांग्रेस समेत राज्य सरकार इससे जुड़े राजस्व और राज्यों के अधिकारों को लेकर आपत्ति जता रहे हैं।

भाजपा ने राज्य सरकार से मांग की कि कानून का विरोध करने के बजाय अवैध खनन पर प्रभावी रोक लगाने, खनिज परिवहन की निगरानी बढ़ाने और राज्य के वैध राजस्व की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर ध्यान दिया जाए। पार्टी ने कहा कि खनिज संपदा का पारदर्शी और नियमों के अनुसार उपयोग ही राज्य के हित में है।

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