*बारिश से गिरे कच्चे मकानों का मुद्दा उठाया, बड़कुंवर गगराई ने आवास योजना का लाभ देने की मांग की*

चाईबासा : लगातार हो रही बारिश के बीच मझगांव प्रखंड के खरपोश गांव में कच्चा मकान धंसने की घटना का पूर्व मंत्री सह पूर्व भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष बड़कुंवर गगराई ने जायजा लिया। उन्होंने प्रशासन से प्रभावित परिवार को तत्काल आवासीय सहायता उपलब्ध कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि बारिश के कारण मझगांव विधानसभा क्षेत्र के कई गांवों में कच्चे मकानों को नुकसान पहुंचा है।
खरपोश गांव में रघुनाथ कालिंदी का कच्चा घर लगातार बारिश के कारण धंस गया है। घर क्षतिग्रस्त होने के बाद परिवार के सामने रहने की समस्या खड़ी हो गई है। गगराई ने प्रशासन से मामले का तत्काल संज्ञान लेकर परिवार को सुरक्षित आवास उपलब्ध कराने की मांग की।
इस दौरान उन्होंने हाल में तांतनगर क्षेत्र के मुरडीह गांव में हुई घटना का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि वहां घर की दीवार गिरने से चार वर्षीय बच्चे की मौत हो गई थी, जबकि पांच वर्षीय बच्चा घायल हुआ था और उसका इलाज चल रहा है। गगराई ने कहा कि लगातार बारिश के दौरान कमजोर और कच्चे मकानों में रहने वाले गरीब परिवारों के लिए ऐसी घटनाएं गंभीर चिंता का विषय हैं।
गगराई ने झारखंड सरकार की आवास योजनाओं को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अबुआ आवास योजना और बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर आवास योजना जैसी योजनाओं का उद्देश्य जरूरतमंद परिवारों को आवास उपलब्ध कराना है। अबुआ आवास योजना के तहत कच्चे और जर्जर मकानों में रहने वाले तथा आवासविहीन ग्रामीण परिवारों को आवास देने का प्रावधान सरकार ने किया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि जरूरतमंद लोगों तक योजनाओं का लाभ पहुंचने में देरी हो रही है। उन्होंने कहा कि योजनाओं का लाभ केवल कागजों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि वास्तविक रूप से जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचना चाहिए।
गगराई ने जिला प्रशासन और झारखंड सरकार से मांग की कि बारिश से क्षतिग्रस्त मकानों का सर्वे कराया जाए और चिन्हित गरीब परिवारों को प्राथमिकता के आधार पर आवास योजनाओं से जोड़ा जाए। उन्होंने कहा कि जिन परिवारों के घर गिर गए हैं, उन्हें तत्काल राहत देने के साथ स्थायी आवास उपलब्ध कराने की दिशा में कार्रवाई की जानी चाहिए।




