Welcome to Kolhan Samachar Live   Click to listen highlighted text! Welcome to Kolhan Samachar Live
कोल्हान

*SIR को लेकर झामुमो ने चुनाव आयोग पर उठाए सवाल, पुतला दहन कर जताया विरोध* 

चाईबासा: मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर झामुमो ने सोमवार को चाईबासा में विरोध प्रदर्शन किया और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का चाईबासा के पोस्ट ऑफिस चौक में पुतला दहन किया। इस दौरान झामुमो जिला अध्यक्ष सोनाराम देवगम ने कहा कि मतदाता सूची से जुड़े मामलों में पारदर्शिता और जवाबदेही जरूरी है। उन्होंने कहा कि वोट किसी सरकार, राजनीतिक दल या चुनाव आयोग की संपत्ति नहीं, बल्कि भारत के नागरिक का संवैधानिक अधिकार है।

मौके पर जिला अध्यक्ष सोनाराम देवगम, जिला सचिव राहुल आदित्य एवं केंद्रीय सदस्य रामलाल मुंडा ने कहा कि चुनाव आयोग की जिम्मेदारी केवल चुनाव कराना नहीं, बल्कि प्रत्येक पात्र नागरिक के मताधिकार की रक्षा करना भी है। SIR की प्रक्रिया में यदि किसी पात्र मतदाता का नाम प्रभावित होता है या उसे अपना नाम और नागरिक अधिकार साबित करने में अनावश्यक परेशानी होती है, तो इस पर स्पष्ट जानकारी सार्वजनिक की जानी चाहिए।

उन्होंने कहा कि इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि पिछले 10 महीनों में चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने SIR से जुड़े निर्णयों और आदेशों पर रिकॉर्ड में कम-से-कम 14 बार आपत्तियां दर्ज कीं। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि दोनों चुनाव आयुक्तों ने कुछ निर्णयों को लेकर अपनी आपत्तियां दर्ज कराई थीं।

देवगम ने कहा कि ऐसी खबरों के बीच मुख्य चुनाव आयुक्त को सभी सवालों पर तथ्यात्मक और सार्वजनिक स्पष्टीकरण देना चाहिए। उन्होंने मांग की कि SIR के तहत बूथवार प्रक्रिया, मतदाता सूची से नाम हटाने के आधार, आपत्तियों के निस्तारण और पात्र मतदाताओं के हितों की सुरक्षा से संबंधित जानकारी सार्वजनिक की जाए।

उन्होंने कहा कि झामुमो लोकतांत्रिक संस्थाओं की स्वतंत्रता, पारदर्शिता और मताधिकार की सुरक्षा से जुड़े मुद्दों को उठाता रहेगा। देवगम ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त से जवाब देने की मांग की। उन्होंने कहा कि बिना टेंडर किसी कार्य या जिम्मेदारी दिए जाने से जुड़े आरोपों पर भी स्थिति स्पष्ट होनी चाहिए और संबंधित मामले की निष्पक्ष जांच कर जानकारी सार्वजनिक की जानी चाहिए।

देवगम ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनता को सवाल उठाने और जवाब मांगने का अधिकार है। झामुमो ने SIR की प्रक्रिया को पारदर्शी, सत्यापन योग्य और मताधिकार की संवैधानिक सुरक्षा के अनुरूप संचालित करने की मांग की।

चुनाव आयोग की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार ज्ञानेश कुमार ने 19 फरवरी 2025 को भारत के 26वें मुख्य चुनाव आयुक्त के रूप में पदभार संभाला था।

कार्यक्रम में इकबाल अहमद, रामलाल मुंडा, अशोक दास, अकबर खान, चंद्रमोहन बोदरा, विश्वनाथ बारा, दीपक प्रधान, बाबू भटाचार्य, गणेश बोदरा, अघना कंडुलना, सतीश सुंडी, नवाज हुसैन, विजय बारी, जवाहर बोयपाई, बसीद इकबाल, मनोज लागुरी, मोझाहिद अहमद, सोमबारी बहंदा, मंजीत कोड़ा, शहीद अहमद, बृन्दाबन गोप, लाला राउट, रमेश बिरुआ, अरविन्द कुंकल, दुर्गा चरण देवगम, नितेश माधव, मो. तवारक, मो. प्रिंच, बागुन सवाइयाँ, डुबलिया बारी, दामू बारी, जगदीश गोप, तुराम सुंडी, मन्नाराम कुदादा, राजू सुंडी, चंद्रमोहन देवगम, मोहन सुंबरुई, विजय सिंह पूर्ति, उदय चेरोवा, मनसुख हांसदा, अर्जुन सुनीता देवगम, शिला जमुदा, बसंती सुंडी, चिड़िया बुढ़िउली, हरिलाल कर्जी, प्रदीप तमसोय, भोला, बबलू, शेखर बारिक, कौशल सिन्हा, अर्जुन बनरा, जगदीश जमुदा, मुंडा, नितीश कच्चाप, तुरी कोड़ा, अमूल्य प्रधान, प्रीतम गुप्ता, कैरा सोय, शशि पूर्ति, भादो हांसदा, ताना हांसदा, कैलाश कलुंडिया, कैलाश सामाड, शारिक रजा, राजू प्रसाद, टुकना महतो, सम्राट प्रधान, जीतेन्द्र पूर्ति, राजकिशोर बोईपाई, कैरा कुंकल, नवाब अंसारी, सोमनाथ कुंकल, जयसिंह हेस्सा, सरवर नेहाल नज्जू, वसीम अकरम हुसैन, बंटी जुन्नैद, नयीम, केदार जायसवाल, बबलू गोडसोरा और बिरसा तियु सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद थे।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!
Click to listen highlighted text!