चाईबासा: गुरुद्वारा नानक दरबार में आसन माह की संगरांद पर हुआ विशेष कीर्तन
साध संगत ने गुरबाणी का श्रवण कर की सुख-शांति की अरदास, कड़ाह प्रसाद और अल्पाहार का हुआ वितरण

चाईबासा: नानकशाही संवत के अनुसार आसन (अस्सु) माह की शुरुआत के अवसर पर गुरुद्वारा नानक दरबार में संगरांद का धार्मिक कार्यक्रम श्रद्धा और भक्तिमय माहौल में आयोजित किया गया। सुबह आयोजित विशेष कार्यक्रम में बड़ी संख्या में साध संगत ने हिस्सा लिया और गुरबाणी का श्रवण किया।
बारह माह का पाठ और कीर्तन से हुई शुरुआत
कार्यक्रम की शुरुआत गुरुद्वारा के ग्रंथी हरभजन सिंह द्वारा बारह माह का पाठ करने से हुई। इसके बाद उन्होंने साज के साथ मधुर स्वर में कीर्तन प्रस्तुत किया। साध संगत ने श्रद्धापूर्वक गुरबाणी का श्रवण किया और धार्मिक वातावरण में समय बिताया।
ग्रंथी हरभजन सिंह ने आसन माह से संबंधित श्लोक का पाठ करते हुए इस माह के धार्मिक महत्व की जानकारी भी दी।
सुख-शांति के लिए हुई अरदास
धार्मिक कार्यक्रम के दौरान हरभजन सिंह ने समूची साध संगत की सुख-शांति और स्वस्थ जीवन के लिए अरदास की। उन्होंने सभी के जीवन में सुख, शांति और खुशहाली की कामना की। गुरुद्वारा परिसर में मौजूद संगत ने श्रद्धापूर्वक अरदास में हिस्सा लिया।
24 नवंबर को होगा गुरु नानक देव का प्रकाश पर्व
गुरुद्वारा नानक दरबार के अध्यक्ष गुरमुख सिंह खोखर ने साध संगत को आसन माह की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने सभी के लिए सुख-शांति की कामना करते हुए कहा कि वाहेगुरु सभी को चढ़दी कला में रखें।
उन्होंने बताया कि आगामी गुरु पर्व के तहत श्री गुरु नानक देव जी का प्रकाश पर्व 24 नवंबर को आयोजित किया जाएगा। प्रकाश पर्व धार्मिक परंपराओं और श्रद्धा के साथ मनाया जाएगा।
कड़ाह प्रसाद और अल्पाहार का वितरण
कार्यक्रम के अंत में साध संगत के बीच कड़ाह प्रसाद और अल्पाहार का वितरण किया गया। इसके साथ ही संगरांद का धार्मिक कार्यक्रम संपन्न हुआ। आयोजन के दौरान गुरुद्वारा परिसर में श्रद्धा और भक्ति का माहौल बना रहा तथा बड़ी संख्या में साध संगत ने शामिल होकर गुरु के प्रति अपनी आस्था प्रकट की।




