नई पीढ़ी पर शक नहीं, भरोसा कीजिए : सरयू राय
टेक्नोलॉजी को मालिक बनाया तो तबाही, सेवक बनाया तो कल्याण

जमशेदपुर: जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने कहा कि नई पीढ़ी पर शंका करने के बजाय उस पर भरोसा करने की जरूरत है। बदलते समय और आधुनिक तकनीक के दौर में युवाओं की सोच और कार्यशैली का पुरानी पीढ़ी से अलग होना स्वाभाविक है। उन्होंने कहा कि पुरानी पीढ़ी के अनुभव महत्वपूर्ण हैं, लेकिन उन्हें नई पीढ़ी की स्वतंत्र सोच और नए प्रयोगों में बाधा नहीं बनना चाहिए।
सोनारी में छत्तीसगढ़ी सांस्कृतिक समिति की ओर से आयोजित श्री श्री श्रावणी रामायण पाठ के समापन समारोह में बतौर मुख्य अतिथि संबोधित करते हुए सरयू राय ने कहा कि अक्सर पुरानी पीढ़ी नई पीढ़ी को अपने अनुभवों के आधार पर आंकती है, जबकि समय और परिस्थितियों के बदलाव के साथ सोच में बदलाव भी जरूरी है।
उन्होंने मोबाइल फोन और तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल का उदाहरण देते हुए कहा कि सवाल यह नहीं है कि युवा मोबाइल का इस्तेमाल करता है या नहीं, बल्कि यह है कि उसका इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया जा रहा है। शिक्षा, ज्ञान, रोजगार और उपयोगी जानकारी के लिए तकनीक का इस्तेमाल कल्याणकारी है, जबकि अनावश्यक चीजों में समय बर्बाद करने पर यही तकनीक परेशानी का कारण बन सकती है।
सरयू राय ने कहा, “टेक्नोलॉजी को मालिक बनाइएगा तो बर्बाद हो जाइएगा, टेक्नोलॉजी को सेवक के रूप में रखेंगे तो कल्याण हो जाएगा।” उन्होंने कहा कि तकनीक का सकारात्मक इस्तेमाल व्यक्ति, समाज और देश के लिए वरदान साबित हो सकता है।
रामायण पाठ का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि पहले सीमित संख्या में लोग एक साथ बैठकर रामायण सुनते थे। बाद में लाउडस्पीकर के आने से इसकी पहुंच बढ़ी और आज मोबाइल एवं इंटरनेट के माध्यम से रामायण पाठ दुनिया के किसी भी हिस्से में बैठे व्यक्ति तक पहुंच सकता है।
उन्होंने कहा कि मोबाइल और तकनीक को दोष देने के बजाय उसके इस्तेमाल की दिशा पर ध्यान देना चाहिए। पुरानी पीढ़ी के अनुभव और नई पीढ़ी की सोच का समन्वय ही समाज को आगे ले जा सकता है। उन्होंने विश्वास जताया कि नई पीढ़ी को अवसर और भरोसा दिया जाए तो वह बेहतर भविष्य का निर्माण करेगी।




