जमशेदपुर वीमेन्स यूनिवर्सिटी में जेंडर सेंसिटाइजेशन एवं इन्क्लूजन पर दो दिवसीय कार्यशाला शुरू

जमशेदपुर: जमशेदपुर वीमेन्स यूनिवर्सिटी में “जेंडर सेंसिटाइजेशन एंड इन्क्लूजन” विषय पर दो दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ कुलपति प्रो. इला कुमार ने किया। उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण केवल सरकारी नीतियों से नहीं, बल्कि परिवार, विद्यालय और समाज में समानता की शिक्षा से संभव है। उन्होंने बेटियों और बेटों के बीच बचपन से समान अवसर और समान व्यवहार की आवश्यकता पर जोर दिया।

यह कार्यशाला झारखंड स्टेट फैकल्टी डेवलपमेंट एकेडमी (JSFDA), उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग, झारखंड सरकार तथा हमारी लाडो फाउंडेशन, जयपुर के संयुक्त तत्वावधान में 6 एवं 7 अगस्त को आयोजित की जा रही है।
कार्यशाला में रिसोर्स पर्सन प्रेमलता पूनिया, राधिका सचदेवा और दीपा वर्मा ने जेंडर समानता, महिला सशक्तिकरण, समावेशी शिक्षा, नेतृत्व विकास और कार्यस्थल पर समान अवसर जैसे विषयों पर विस्तृत जानकारी दी।
कार्यक्रम में रजिस्ट्रार डॉ. सलोमी कुजूर, डॉ. अन्नपूर्णा झा, डॉ. पीयूष माल पहाड़िया एवं विशाल प्रसाद सहित कई शिक्षाविद उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समन्वयन डॉ. मनीषा टाइटस ने किया, जबकि डॉ. अनीता मिश्रा ने सह-समन्वयक की भूमिका निभाई।
कार्यशाला में विश्वविद्यालय के शिक्षक, शोधार्थी और विभिन्न महाविद्यालयों के संकाय सदस्यों ने भाग लेकर संवादात्मक सत्रों, समूह चर्चाओं और गतिविधियों के माध्यम से जेंडर समानता एवं समावेशिता के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की। आयोजकों ने विश्वास जताया कि ऐसे कार्यक्रम उच्च शिक्षा संस्थानों में सम्मानजनक एवं समावेशी वातावरण को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।




