
चाईबासा:प्रकाश गुप्ता:174वीं वाहिनी केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) का 22वां स्थापना दिवस रविवार को जिला पुलिस लाइन चाईबासा स्थित वाहिनी मुख्यालय में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत वाहिनी के कमांडेंट मनोज डंग ने शहीद स्मारक पर पहुंचकर देश की रक्षा में अपने प्राणों की आहुति देने वाले वीर जवानों को श्रद्धासुमन अर्पित कर की।

इसके बाद कमांडेंट मनोज डंग ने क्वार्टर गार्ड पर सलामी ली और गार्ड का निरीक्षण किया। स्थापना दिवस के अवसर पर उन्होंने वाहिनी के सभी अधिकारियों, अधीनस्थ अधिकारियों, जवानों एवं उनके परिजनों को शुभकामनाएं दीं।

9 अगस्त 2004 को हुई थी वाहिनी की स्थापना
कमांडेंट मनोज डंग ने 174वीं वाहिनी के इतिहास और उपलब्धियों की जानकारी देते हुए बताया कि वाहिनी की स्थापना 9 अगस्त 2004 को ग्रुप केंद्र सीआरपीएफ, बैंगलोर, कर्नाटक में हुई थी। एक वर्ष के बुनियादी प्रशिक्षण के बाद वाहिनी को जम्मू-कश्मीर के कुलगाम स्थित जवाहर टनल के पास तैनात किया गया।
वहां जवानों ने करीब तीन वर्षों तक टनल ड्यूटी का निर्वहन किया। इसके बाद 16 अप्रैल 2008 को वाहिनी को श्रीनगर के संत नगर क्षेत्र में तैनात किया गया, जहां जवानों ने एयरपोर्ट सहित विभिन्न महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों का निर्वहन किया।
2012 से चाईबासा में तैनात है वाहिनी
इसके बाद 6 मार्च 2012 को 174वीं वाहिनी का मुख्यालय जिला पुलिस लाइन चाईबासा में पदस्थापित किया गया। चाईबासा में तैनाती के बाद वाहिनी की विभिन्न कंपनियों को कोल्हान के अत्यंत नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में अभियान के लिए तैनात किया गया।
कमांडेंट ने बताया कि वर्ष 2012 से वाहिनी के जवानों ने सारंडा और कोल्हान के नक्सल प्रभावित इलाकों में लगातार अभियान चलाया है। इस दौरान कई नक्सलियों की गिरफ्तारी और आत्मसमर्पण में वाहिनी के जवानों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अभियान के दौरान कई आईईडी, हथियार एवं गोला-बारूद बरामद कर नष्ट किए गए।
सैनिक सम्मेलन और खेलकूद प्रतियोगिता का आयोजन
स्थापना दिवस के अवसर पर विशेष सैनिक सम्मेलन, खेलकूद प्रतियोगिताओं तथा बड़े खाने का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों और जवानों ने आपसी सौहार्द एवं टीम भावना के साथ स्थापना दिवस समारोह में भाग लिया।
समारोह में कमांडेंट मनोज डंग के अलावा द्वितीय कमान अधिकारी रजनीश कुमार, उप कमांडेंट धर्मेन्द्र नारायण सिंह, उप कमांडेंट शांति किस्कू, सहायक कमांडेंट गजेन्द्र सिंह सोंनिग्रा, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. विजय लक्ष्मी चौहान, चिकित्सा अधिकारी डॉ. संदीप कुमार सी समेत वाहिनी के अधीनस्थ अधिकारी और बड़ी संख्या में जवान उपस्थित रहे।




