
- पारदर्शिता और जवाबदेही के लिए उठी निष्पक्ष जांच की मांग
चाईबासा : चाईबासा में कोल्हान विश्वविद्यालय छात्र संघ के टाटा कॉलेज के पूर्व सचिव पीपुन बारिक ने झारखंड के राज्यपाल सह कुलाधिपति को शिकायत पत्र भेजकर एल.बी.एस.एम. कॉलेज, जमशेदपुर, को-ऑपरेटिव कॉलेज, जमशेदपुर तथा वर्तमान में टाटा कॉलेज, चाईबासा के प्राचार्य डॉ. अमर सिंह के विभिन्न कार्यकालों की उच्चस्तरीय न्यायिक जांच कराने की मांग की है। शिकायत पत्र में कथित वित्तीय अनियमितताओं, प्रशासनिक कदाचार, सार्वजनिक संसाधनों के संभावित दुरुपयोग और संस्थागत जवाबदेही से जुड़े मामलों की स्वतंत्र जांच की आवश्यकता बताई गई है। पीपुन बारिक ने कहा कि विश्वविद्यालय और महाविद्यालय विद्यार्थियों की फीस, सरकारी अनुदान और जनता के कर से संचालित होते हैं, इसलिए यदि किसी संस्थान के कार्यों पर सवाल उठते हैं तो उनकी निष्पक्ष जांच कराना प्रशासन की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि जांच से सच्चाई सामने आएगी और यदि आरोप गलत हैं तो संबंधित पक्ष को भी स्पष्टता मिलेगी।
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विशेष और फोरेंसिक ऑडिट कराने की भी उठी मांग
पीपुन बारिक ने मांग की है कि एल.बी.एस.एम. कॉलेज और को-ऑपरेटिव कॉलेज में डॉ. अमर सिंह के पूरे कार्यकाल का विशेष ऑडिट कराया जाए। आवश्यकता पड़ने पर फोरेंसिक ऑडिट भी कराया जाए ताकि वित्तीय लेनदेन और प्रशासनिक प्रक्रियाओं की गहन जांच हो सके। उन्होंने बैंक खातों, भुगतान वाउचरों, स्टॉक रजिस्टर, निविदा अभिलेख, उपयोगिता प्रमाणपत्र और विकास योजनाओं से जुड़े दस्तावेजों की स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराने की मांग की। इसके अलावा शिक्षकों, कर्मचारियों, महिला कर्मियों, छात्रों, छात्र प्रतिनिधियों और सीनेट सदस्यों के गोपनीय बयान दर्ज करने तथा विश्वविद्यालय की सीनेट बैठकों की वीडियो रिकॉर्डिंग और कार्यवृत्त की समीक्षा करने की भी मांग की गई है। उनका कहना है कि लंबे समय से विभिन्न स्तरों पर शिकायतें सामने आती रही हैं, लेकिन अब तक व्यापक और स्वतंत्र जांच नहीं कराई गई है।
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जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने और अभिलेख सुरक्षित रखने की मांग
पीपुन बारिक ने राजभवन, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग, लोकायुक्त, भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) तथा कोल्हान विश्वविद्यालय प्रशासन से समयबद्ध न्यायिक जांच कराकर उसकी रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि जांच पूरी होने तक सभी वित्तीय एवं प्रशासनिक अभिलेख सुरक्षित रखे जाएं ताकि किसी भी प्रकार की जानकारी प्रभावित न हो। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मामले की निष्पक्ष जांच नहीं कराई गई या शिकायतों को दबाने का प्रयास किया गया तो छात्र, युवा, अभिभावक और सामाजिक संगठन पूरे कोल्हान क्षेत्र में लोकतांत्रिक तरीके से जनजागरण अभियान और आंदोलन शुरू करेंगे। उन्होंने कहा कि शिक्षा संस्थानों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़ा विषय है, इसलिए मामले की निष्पक्ष जांच अत्यंत आवश्यक है।




