
चाईबासा: झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार (JHALSA) के मार्गदर्शन में रविवार को कोल्हान विश्वविद्यालय परिसर स्थित सभागार में जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डीएलएसए) एवं जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में वृहद विधिक सशक्तिकरण शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य आम नागरिकों को उनके कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक करना तथा विभिन्न सरकारी जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाना था।

कार्यक्रम में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार मौहम्मद शाकिर, उपायुक्त-सह-उपाध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार मनीष कुमार तथा पुलिस अधीक्षक-सह-सदस्य अमित रेनू मुख्य रूप से उपस्थित रहे। इनके अलावा न्यायिक एवं प्रशासनिक पदाधिकारी सूर्य भूषण ओझा, उत्कर्ष कुमार, संतोष आनंद प्रसाद, रवि चौधरी, अगस्टिन कुल्लू तथा प्रशिक्षु आईएएस ईरा जोरवाल सहित कई अधिकारी कार्यक्रम में शामिल हुए। कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक स्वागत एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई।

शिविर के दौरान 13 विभागों की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के तहत 105 लाभुकों के बीच कुल ₹105 करोड़ 94 लाख 68 हजार 300 की परिसंपत्तियों एवं अन्य लाभों का वितरण किया गया। इसके साथ ही विद्यालयों में संचालित लीगल लिटरेसी क्लब के अंतर्गत आयोजित चित्रांकन प्रतियोगिता के प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को प्रशस्ति पत्र एवं ट्रॉफी देकर सम्मानित किया गया। उत्कृष्ट कार्य करने वाले पारा विधिक स्वयंसेवकों को भी सम्मानित किया गया तथा जिले के नवनियुक्त मुंडा-मानकी को नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए।

प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश मौहम्मद शाकिर ने अपने संबोधन में कहा कि विधिक सशक्तिकरण शिविर का उद्देश्य केवल सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना नहीं, बल्कि लोगों को उनके संवैधानिक एवं कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक करना भी है। उन्होंने कहा कि जिला विधिक सेवा प्राधिकार के माध्यम से पात्र व्यक्तियों को निःशुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जाती है। उन्होंने लोगों से महिला एवं बाल अधिकार, डायन-बिसाही, अपराध पीड़ित प्रतिकर, पारिवारिक विवाद एवं अन्य कानूनी मामलों में डीएलएसए, विधिक सेवा क्लिनिक और हेल्पलाइन 15100 का अधिक से अधिक उपयोग करने की अपील की।
उपायुक्त मनीष कुमार ने कहा कि जिला प्रशासन, न्यायपालिका एवं डीएलएसए के समन्वित प्रयासों से जिले के अंतिम व्यक्ति तक न्याय और सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने का लगातार प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पिछले 100 दिनों में विक्टिम कम्पेनसेशन, एससी-एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम से जुड़े मामलों तथा हिट एंड रन मामलों के त्वरित निष्पादन के लिए विशेष अभियान चलाया गया। उन्होंने सड़क सुरक्षा, स्वैच्छिक रक्तदान, टीबी उन्मूलन, स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और जनभागीदारी बढ़ाने के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी भी दी। साथ ही उन्होंने नशामुक्ति, बाल विवाह, बाल तस्करी, मलेरिया, सर्पदंश एवं वज्रपात जैसी घटनाओं के प्रति लोगों को जागरूक रहने की अपील की।
पुलिस अधीक्षक अमित रेनू ने कहा कि किसी भी आपात स्थिति में लोग बिना किसी संकोच के पुलिस से संपर्क करें तथा तत्काल सहायता के लिए डायल-112 का उपयोग करें। उन्होंने साइबर अपराधों की समय पर सूचना देने, डायन प्रथा जैसी सामाजिक कुरीतियों को समाप्त करने तथा बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में आम जनता से सहयोग की अपील की।
कार्यक्रम के समापन पर अतिथियों ने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए प्रदर्शनी स्टॉलों का निरीक्षण किया। स्वास्थ्य विभाग के रक्तदान शिविर का अवलोकन करते हुए स्वैच्छिक रक्तदाताओं को प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए। साथ ही रक्तदान के प्रति लोगों को प्रेरित करने के उद्देश्य से संकल्प हस्ताक्षर अभियान भी चलाया गया। यह शिविर विधिक जागरूकता, सामाजिक सुरक्षा और सरकारी योजनाओं को आमजन तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ।




