पांडुकी गांव के देशाउली का हुआ शुद्धिकरण, संरक्षण के लिए हर परिवार देगा एक-एक बांस

चाईबासा/मझगांव: पश्चिमी सिंहभूम के मझगांव प्रखंड स्थित पांडुकी गांव में हो समाज की आस्था के प्रमुख केंद्र देशाउली (बोंगा-बुरु पूजा स्थल) का पारंपरिक रीति-रिवाज एवं धार्मिक विधि-विधान के साथ जाते-परचि (शुद्धिकरण) अनुष्ठान आयोजित किया गया। ग्राम के दिउरी एवं सहयोगी दिउरियों द्वारा संपन्न इस अनुष्ठान में मानकी, मुंडा, बुजुर्ग, युवा और बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए। सभी ने देशाउली की पवित्रता, सुरक्षा और संरक्षण का सामूहिक संकल्प लिया।

शुद्धिकरण के बाद आयोजित बैठक में आदिवासी हो समाज युवा महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष इपिल सामड ने कहा कि देशाउली हो समाज की आस्था, संस्कृति, परंपरा और पूर्वजों की अमूल्य धरोहर है। इसकी रक्षा करना प्रत्येक समाजजन का नैतिक, सामाजिक और सांस्कृतिक दायित्व है। उन्होंने कहा कि इस पवित्र स्थल की गरिमा बनाए रखना और इसकी परंपराओं को आने वाली पीढ़ियों तक सुरक्षित पहुंचाना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।

बैठक में ग्रामीणों ने चिंता जताई कि हाल के दिनों में कुछ बाहरी लोगों द्वारा देशाउली परिसर में अनावश्यक आवाजाही, अभद्र व्यवहार तथा शराब, सिगरेट और अन्य नशीले पदार्थों के सेवन जैसी घटनाएं सामने आई हैं। महासभा के जिला अध्यक्ष शेरसिंह बिरुवा ने कहा कि ऐसी गतिविधियां धार्मिक भावनाओं को आहत करने के साथ-साथ पूजा स्थल की पवित्रता और सांस्कृतिक गरिमा को भी प्रभावित करती हैं। उन्होंने सभी लोगों से धार्मिक स्थलों का सम्मान करने की अपील की।
ग्रामीणों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि देशाउली की सुरक्षा के लिए गांव के प्रत्येक परिवार की ओर से एक-एक बांस समर्पित किया जाएगा। सामूहिक सहयोग से पूजा स्थल की बांस से घेराबंदी भी की गई, ताकि अनधिकृत प्रवेश और असामाजिक गतिविधियों पर रोक लगाई जा सके। साथ ही परिसर की नियमित साफ-सफाई, देखरेख और संरक्षण सामूहिक रूप से करने का निर्णय लिया गया।
ग्रामीणों ने कहा कि देशाउली केवल पूजा-अर्चना का स्थल नहीं, बल्कि हो समाज की सांस्कृतिक विरासत, प्रकृति संरक्षण, सामाजिक एकता और पूर्वजों की आस्था का जीवंत प्रतीक है। भविष्य में इसके संरक्षण एवं धार्मिक परंपराओं के संवर्धन के लिए समय-समय पर सामूहिक कार्यक्रम आयोजित करने तथा आवश्यकता पड़ने पर प्रशासन का सहयोग लेने का भी निर्णय लिया गया।
कार्यक्रम में पांडुकी गांव के दिउरी जाम्बिरा बिरुवा उर्फ भोले, सहयोगी दिउरियों, मानकी-मुंडा संघ के केंद्रीय अध्यक्ष गणेश पाट पिंगुवा, आदिवासी हो समाज युवा महासभा के पूर्व अध्यक्ष भूषण पाट पिंगुवा, महासचिव गब्बर सिंह हेम्ब्रम, प्रदेश अध्यक्ष गोविन्द बिरुवा, जिला सचिव ओयबन हेम्ब्रम, नंदलाल पिंगुवा, मनीष बिरुवा, प्रदीप बिरुवा, मुंडा बिरुवा, हरीश बिरुवा सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।




