नाबालिग से दुष्कर्म और उसके पिता की हत्या के दोषी को उम्रकैद, पोक्सो एक्ट में 25 साल की सजा

चाईबासा: पश्चिमी सिंहभूम जिले के टोंटो थाना कांड संख्या 36/2022 में नाबालिग बच्ची से दुष्कर्म तथा उसके पिता की हत्या के मामले में अदालत ने आरोपी जामदार सिरका को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास और पोक्सो एक्ट के तहत 25 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है।

अभियोजन के अनुसार, 29 अगस्त 2022 को टोंटो थाना में भारतीय दंड संहिता की धारा 302, 376(3), 307, 325 तथा पोक्सो एक्ट, 2012 की धारा 4/6 के तहत जामदार सिरका, पिता महती सिरका, निवासी जामडीह टोला तिलयडीह, थाना टोंटो, जिला पश्चिमी सिंहभूम के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की गई थी। आरोपी पर नाबालिग बच्ची को डरा-धमकाकर उसके साथ दुष्कर्म करने तथा उसके पिता की हत्या करने का आरोप था।
मामले की जांच के दौरान चाईबासा पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा। पुलिस ने वैज्ञानिक तरीके से साक्ष्य एकत्रित कर न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया।
पोक्सो केस संख्या 45/2022 की सुनवाई पूरी होने के बाद 20 जुलाई 2026 को अपर सत्र न्यायाधीश-द्वितीय, पश्चिमी सिंहभूम, चाईबासा की अदालत ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई।
अदालत ने भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत आरोपी को आजीवन कारावास तथा 30 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई। वहीं, पोक्सो एक्ट की धारा 6 के तहत 25 वर्ष के कठोर कारावास एवं 25 हजार रुपये जुर्माना की सजा भी सुनाई गई।
यह फैसला चाईबासा पुलिस द्वारा प्रस्तुत वैज्ञानिक साक्ष्यों और अनुसंधान के आधार पर सुनाया गया। अदालत के इस निर्णय के साथ वर्ष 2022 में दर्ज इस बहुचर्चित मामले का न्यायिक निष्पादन हो गया।




