*वृद्धाश्रम में विधिक जागरूकता शिविर, वरिष्ठ नागरिकों को अधिकारों की दी जानकारी*

चाईबासा: झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार, रांची के निर्देशानुसार तथा प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकार, पश्चिमी सिंहभूम, चाईबासा मौहम्मद शाकिर एवं सचिव रवि चौधरी के मार्गदर्शन में 60 दिवसीय मेगा अभियान के अंतर्गत वृद्धाश्रम में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम के दौरान वृद्धाश्रम में रह रहे वरिष्ठ नागरिकों को विभिन्न कानूनी प्रावधानों और उनके अधिकारों की जानकारी दी गई। सहायक एलएडीसी रत्नेश कुमार ने वरिष्ठ नागरिकों के लिए संचालित सरकारी कल्याणकारी योजनाओं के बारे में बताया। उन्होंने वृद्धजनों को उनके अधिकारों एवं कर्तव्यों के प्रति जागरूक करते हुए जीवन के इस पड़ाव में संयम और धैर्य के साथ रहने के लिए प्रेरित किया। साथ ही उनकी आवश्यकताओं की भी समीक्षा की गई।
रत्नेश कुमार ने माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिकों का भरण-पोषण तथा कल्याण अधिनियम, 2007 की प्रमुख प्रावधानों की जानकारी देते हुए बताया कि 60 वर्ष से अधिक आयु के माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिक अपने बच्चों या कानूनी वारिस से भरण-पोषण की मांग कर सकते हैं।
संपत्ति की सुरक्षा के संबंध में बताया गया कि यदि किसी वरिष्ठ नागरिक ने अपनी संपत्ति बच्चों को हस्तांतरित की है और इसके बाद बच्चे उनकी देखभाल नहीं करते हैं, तो कानून के प्रावधानों के तहत ऐसी संपत्ति के हस्तांतरण को रद्द कराने की प्रक्रिया अपनाई जा सकती है। वरिष्ठ नागरिकों के परित्याग और उत्पीड़न के मामलों में भी कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है।
इस दौरान वरिष्ठ नागरिकों को एल्डरलाइन के टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 14567 की जानकारी दी गई। बताया गया कि इस राष्ट्रीय हेल्पलाइन के माध्यम से वरिष्ठ नागरिक शिकायत दर्ज कराने के साथ-साथ विभिन्न सरकारी योजनाओं एवं सेवाओं की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
कार्यक्रम में पीएलवी सोमा बोस और स्वाति मुखर्जी भी उपस्थित थीं।




