*स्वास्थ्य मंत्री के बयान पर बिर सिंह बिरुली ने जताई नाराजगी, राज्यव्यापी आंदोलन की चेतावनी*

चाईबासा: जमशेदपुर एमजीएम अस्पताल के निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी के कथित विवादित बयान को लेकर अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति संगठनों का अखिल भारतीय परिसंघ, पश्चिमी सिंहभूम के सचिव बिर सिंह बिरुली ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री के बयान की आलोचना करते हुए कहा कि मंत्री को स्वास्थ्य व्यवस्था पर ध्यान देने की जरूरत है।
बिर सिंह बिरुली ने आरोप लगाया कि झारखंड में विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी को दूर करने के लिए सरकार दूसरे राज्यों का रुख कर रही है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी केरल, बेंगलुरु समेत दक्षिण भारत के राज्यों से विशेषज्ञ चिकित्सकों को झारखंड लाने की तैयारी कर रहे हैं। जरूरत के अनुसार एक विशेषज्ञ चिकित्सक को तीन लाख रुपये तक मासिक वेतन देने की तैयारी की जा रही है।
उन्होंने कहा कि झारखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था और स्थानीय चिकित्सकों को प्राथमिकता देने के बजाय बाहर से चिकित्सकों को लाने पर जोर दिया जा रहा है। बिरुली ने आरोप लगाया कि वर्तमान में राज्य के स्वास्थ्य विभाग की स्थिति खराब है और अस्पतालों में ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं।
बिर सिंह बिरुली ने कहा कि स्वास्थ्य मंत्री को स्थानीय स्तर पर चिकित्सकों की नियुक्ति कर विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी दूर करने की दिशा में काम करना चाहिए। उन्होंने पूर्व की नियुक्तियों में भी बाहरी लोगों को कथित रूप से अवैध तरीके से बहाल किए जाने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि अखिल भारतीय परिसंघ, पश्चिमी सिंहभूम सरकार की इस नीति की कड़ी निंदा करता है। यदि सरकार ने स्थानीय चिकित्सकों की नियुक्ति और स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाया तो संगठन की ओर से राज्यव्यापी आंदोलन किया जाएगा।
बिरुली ने कहा कि सरकार का ध्यान केवल नए भवन, मशीनों और अन्य उपक्रमों पर नहीं, बल्कि विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता, आधुनिक जांच सुविधाओं तथा बेहतर और त्वरित इलाज की व्यवस्था मजबूत करने पर होना चाहिए।




