
गुवा : गुवा स्थित सेल इकाई में कर्मचारियों और सप्लाई मजदूरों को वितरित किए गए रेनकोटों की गुणवत्ता को लेकर असंतोष सामने आया है। कई श्रमिकों का कहना है कि बारिश के दौरान उपयोग के समय कुछ रेनकोटों में कपड़ा फटने, सिलाई उधड़ने तथा अन्य तकनीकी कमियां दिखाई दी हैं। श्रमिकों के अनुसार खदान और प्लांट क्षेत्रों में प्रतिकूल मौसम के बीच कार्य करने के दौरान रेनकोट महत्वपूर्ण सुरक्षा सामग्री का हिस्सा होता है, इसलिए इसकी गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होना चाहिए। श्रमिकों ने मांग की है कि प्राप्त शिकायतों की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट की जाए ताकि कार्यस्थल पर सुरक्षा और सुविधा सुनिश्चित हो सके।
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संघ ने खरीद प्रक्रिया की समीक्षा और गुणवत्ता जांच की उठाई मांग
झारखंड मजदूर संघर्ष संघ के केंद्रीय अध्यक्ष रामा पाण्डे ने कहा कि श्रमिकों से प्राप्त शिकायतों को देखते हुए पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई जानी चाहिए। उनका कहना है कि बड़ी संख्या में श्रमिकों को रेनकोट वितरित किए गए हैं और यदि किसी स्तर पर गुणवत्ता संबंधी कमी पाई जाती है तो संबंधित सामग्री की जांच कर आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए जाने चाहिए। संघ ने रेनकोट की गुणवत्ता परीक्षण के साथ-साथ खरीद प्रक्रिया, टेंडर और आपूर्ति संबंधी पहलुओं की भी समीक्षा की मांग की है। संगठन का कहना है कि जांच के निष्कर्षों के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाए तथा जरूरत पड़ने पर श्रमिकों को बेहतर गुणवत्ता वाले रेनकोट उपलब्ध कराए जाएं। मामले को लेकर श्रमिकों के बीच चर्चा जारी है और सभी पक्षों की प्रतिक्रिया के बाद स्थिति और स्पष्ट होने की उम्मीद है।




