संत रविदास की 650वीं जयंती वर्ष पर थाई गांव में समरसता संकल्प अभियान, कलश वंदन-पूजन के साथ ग्रामीणों ने लिया सामाजिक एकता का संकल्प

चाईबासा। पश्चिमी सिंहभूम जिले के मंझारी प्रखंड अंतर्गत थाई गांव में संत शिरोमणि रविदास की 650वीं जन्म जयंती वर्ष के अवसर पर समरसता संकल्प अभियान के तहत विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान कलश वंदन एवं पूजन कार्यक्रम आयोजित कर सामाजिक समरसता, भाईचारे और आपसी एकता का संदेश दिया गया। कार्यक्रम में थाई गांव सहित आसपास के ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

कार्यक्रम का नेतृत्व भाजपा झारखंड प्रदेश के पूर्व उपाध्यक्ष सह झारखंड सरकार के पूर्व मंत्री बड़कुंवर गागराई ने किया। कार्यक्रम के दौरान विधि-विधान के साथ कलश का वंदन एवं पूजन किया गया। इसके बाद उपस्थित ग्रामीणों ने संत रविदास के विचारों और उनके सामाजिक संदेश को याद करते हुए समाज में समानता, सद्भाव और भाईचारे को मजबूत करने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर बड़कुंवर गागराई ने कहा कि संत शिरोमणि रविदास का पूरा जीवन समाज में समानता, प्रेम, भाईचारे और सामाजिक समरसता स्थापित करने की प्रेरणा देता है। उन्होंने अपने विचारों और कार्यों के माध्यम से समाज में व्याप्त ऊंच-नीच, भेदभाव और असमानता की भावना को समाप्त करने का संदेश दिया। संत रविदास ने मानवता को सर्वोपरि मानते हुए सभी लोगों के सम्मान और समान अधिकार की बात कही।
उन्होंने कहा कि संत रविदास की 650वीं जयंती वर्ष केवल एक धार्मिक या सांस्कृतिक आयोजन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उनके विचारों को समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाने और उनके आदर्शों को जीवन में अपनाने का अवसर भी है। आज के समय में सामाजिक एकता और आपसी सद्भाव को मजबूत करने के लिए संत रविदास के विचार बेहद महत्वपूर्ण हैं।
बड़कुंवर गागराई ने कहा कि समरसता संकल्प अभियान के माध्यम से समाज के सभी वर्गों को एकजुट करने तथा आपसी प्रेम और सहयोग की भावना को बढ़ावा देने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने ग्रामीणों से आह्वान किया कि वे समाज में किसी भी प्रकार के भेदभाव से ऊपर उठकर एक-दूसरे के सहयोगी बनें और सामाजिक सद्भाव को मजबूत करने में अपनी भूमिका निभाएं।
उन्होंने कहा कि किसी भी समाज की मजबूती उसकी एकता और आपसी विश्वास पर निर्भर करती है। जब समाज के सभी वर्ग एक-दूसरे का सम्मान करते हुए साथ आगे बढ़ते हैं, तभी क्षेत्र और समाज का समग्र विकास संभव होता है। संत रविदास के विचार इसी सामाजिक एकता और मानव कल्याण की दिशा में मार्गदर्शन करते हैं।
कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों में खासा उत्साह देखने को मिला। कलश वंदन एवं पूजन के बाद उपस्थित लोगों ने संत रविदास के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने तथा समाज में आपसी भाईचारा, सहयोग और सद्भाव बनाए रखने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में ग्रामीणों ने संत रविदास के सामाजिक संदेश को जन-जन तक पहुंचाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
आयोजकों ने कहा कि समरसता अभियान का उद्देश्य समाज के विभिन्न वर्गों के बीच आपसी दूरी को समाप्त कर प्रेम, सम्मान और भाईचारे की भावना को मजबूत करना है। संत रविदास के विचारों को केंद्र में रखकर लोगों को सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक करने का प्रयास किया जा रहा है।
कार्यक्रम में भाजपा मंडल अध्यक्ष सिद्धार्थ गोप, मंडल महामंत्री हरिश्चंद्र केसरी, शेखर कालिंदी, हरीश कालिंदी, किशोर कालिंदी, कमल किशोर कालिंदी, कृतिमान कालिंदी, बिसाल कालिंदी, वीरंची कालिंदी, सविता कालिंदी, सूरजमानी कालिंदी, अंजली कालिंदी, सुमित्रा कालिंदी, सुकांती कालिंदी सहित बड़ी संख्या में थाई गांव के ग्रामीण उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित लोगों ने संत शिरोमणि रविदास के विचारों को समाज में आगे बढ़ाने और सामाजिक एकता एवं समरसता के लिए निरंतर कार्य करने का संकल्प लिया। ग्रामीणों ने कहा कि संत रविदास के संदेश आज भी समाज को एकजुट करने और आपसी भाईचारे को मजबूत करने की प्रेरणा देते हैं।




