5 अगस्त को प्रकाशित होगी प्रारूप मतदाता सूची, विशेष पुनरीक्षण कार्यक्रम की उपायुक्त ने की समीक्षा

चाईबासा: पश्चिमी सिंहभूम जिला समाहरणालय सभागार में उपायुक्त-सह-जिला निर्वाचन पदाधिकारी की अध्यक्षता में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन-एसआईआर 2026) की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार विशेष पुनरीक्षण कार्यक्रम को समयबद्ध एवं प्रभावी ढंग से संचालित करने पर जोर दिया गया।

बैठक में बताया गया कि 5 अगस्त 2026 को प्रारूप मतदाता सूची का प्रकाशन किया जाएगा। इसके बाद 5 अगस्त से 4 सितंबर 2026 तक दावा एवं आपत्ति की प्रक्रिया चलेगी। इस दौरान पात्र नागरिक अपने नाम मतदाता सूची में जुड़वाने, हटाने अथवा किसी प्रकार की त्रुटि के सुधार के लिए आवेदन कर सकेंगे।
उपायुक्त ने निर्देश दिया कि 8-9 अगस्त तथा 22-23 अगस्त को जिले के सभी मतदान केंद्रों पर विशेष दावा-आपत्ति शिविर आयोजित किए जाएं, ताकि अधिक से अधिक पात्र नागरिक इस अभियान का लाभ उठा सकें। उन्होंने बताया कि 5 अगस्त को सुबह 11 बजे से दोपहर 1 बजे तक जिलेभर में #NewVoters अभियान भी चलाया जाएगा, जिसके माध्यम से नए मतदाताओं को मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने के लिए जागरूक किया जाएगा।
बैठक में 15 अगस्त को सभी मतदान केंद्रों पर आयोजित होने वाली विशेष ग्राम सभा की तैयारियों की भी समीक्षा की गई। इस अवसर पर प्रारूप मतदाता सूची का सार्वजनिक वाचन किया जाएगा तथा 1 अक्टूबर 2026 तक 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले युवाओं को प्रपत्र-6 के माध्यम से मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने के लिए प्रेरित किया जाएगा। वहीं, नाम, पता या अन्य विवरण में त्रुटि होने पर प्रपत्र-8 के जरिए संशोधन कराने की अपील की जाएगी।
समीक्षा के दौरान बताया गया कि 25 अगस्त से 4 सितंबर 2026 तक होम-टू-रोल वेरिफिकेशन अभियान चलाया जाएगा। इसके तहत प्रत्येक पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में सुनिश्चित किया जाएगा, गलत मतदान केंद्रों में दर्ज नामों का स्थानांतरण कराया जाएगा, अन्य राज्यों में पंजीकृत पात्र मतदाताओं का नाम जोड़ा जाएगा तथा प्रत्येक घर पर ‘एक परिवार–एक साथ (Family Together)’ स्टीकर लगाया जाएगा।
उपायुक्त ने सभी निर्वाचक निबंधन पदाधिकारियों, सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारियों, बीएलओ एवं संबंधित अधिकारियों को निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप सभी गतिविधियों का व्यापक प्रचार-प्रसार करने तथा निर्धारित समय सीमा के भीतर कार्य पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिले में शुद्ध, त्रुटिरहित एवं समावेशी मतदाता सूची तैयार करना प्रशासन की प्राथमिकता है, ताकि कोई भी पात्र नागरिक अपने मताधिकार से वंचित न रहे।
बैठक में उप निर्वाचन पदाधिकारी, अपर उपायुक्त, निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी (ईआरओ), सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी (एईआरओ) सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।




