UDAYM-2.0 अभियान तेज: पश्चिमी सिंहभूम में मलेरिया-डेंगू पर वार, 10 हजार मच्छरदानियों का होगा वितरण

चाईबासा: बरसात के मौसम में मलेरिया, डेंगू और अन्य मच्छरजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए पश्चिमी सिंहभूम जिला प्रशासन ने UDAYM-2.0 अभियान को तेज कर दिया है। उपायुक्त मनीष कुमार के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग जिले के संवेदनशील और मलेरिया प्रभावित क्षेत्रों में जांच, उपचार, जनजागरूकता और रोकथाम की गतिविधियों को युद्धस्तर पर चला रहा है।

अभियान के तहत कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) के माध्यम से स्वास्थ्य विभाग को 10 हजार मच्छरदानियां उपलब्ध कराई गई हैं। इनका वितरण मलेरिया प्रभावित और उच्च जोखिम वाले गांवों में प्राथमिकता के आधार पर किया जा रहा है। स्वास्थ्यकर्मी घर-घर जाकर लोगों को मच्छरदानी के सही उपयोग और उससे मिलने वाले स्वास्थ्य लाभों की भी जानकारी दे रहे हैं
।
स्वास्थ्य विभाग की टीमों में एएनएम, सहिया, मलेरिया तकनीकी पर्यवेक्षक, मल्टीपरपज हेल्थ वर्कर सहित अन्य कर्मियों को सक्रिय किया गया है। ये टीमें गांवों में बुखार से पीड़ित लोगों की पहचान कर रही हैं और संदिग्ध मरीजों की रैपिड डायग्नोस्टिक टेस्ट (RDT) के माध्यम से निःशुल्क जांच की जा रही है। मलेरिया की पुष्टि होने पर मरीजों को तुरंत दवा उपलब्ध कराई जा रही है तथा नियमित फॉलोअप भी सुनिश्चित किया जा रहा है।
जिले के नोआमुंडी, गोईलकेरा, सोनुआ और टोंटो समेत अन्य मलेरिया प्रभावित क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखी जा रही है। इन इलाकों में स्वास्थ्य शिविर, लार्वा नियंत्रण, संपर्क अनुरेखण और जनजागरूकता कार्यक्रम लगातार संचालित किए जा रहे हैं।
स्वास्थ्य विभाग लोगों को घर और आसपास पानी जमा नहीं होने देने, कूलर और गमलों की नियमित सफाई करने, पूरी बांह के कपड़े पहनने तथा रात में मच्छरदानी का उपयोग करने की सलाह दे रहा है। साथ ही बुखार, कंपकंपी, सिरदर्द या शरीर दर्द जैसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराने की अपील की गई है।
उपायुक्त मनीष कुमार अभियान की नियमित समीक्षा कर रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि प्रत्येक संदिग्ध मरीज तक समय पर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाई जाएं और अभियान में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए।
सिविल सर्जन डॉ. जुझार माझी ने बताया कि जिले की सभी स्वास्थ्य टीमों को पूरी तरह सक्रिय रखा गया है। प्रत्येक संदिग्ध मरीज की निःशुल्क जांच और उपचार सुनिश्चित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि समय पर जांच, पूरा उपचार और मच्छरदानी का नियमित उपयोग ही मलेरिया से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है।
जिला प्रशासन ने लोगों से स्वास्थ्य विभाग के अभियान में सहयोग करने, स्वच्छता बनाए रखने, पानी का जमाव नहीं होने देने और घर-घर पहुंच रहे स्वास्थ्यकर्मियों का सहयोग करने की अपील की है। प्रशासन का लक्ष्य जनसहभागिता के माध्यम से पश्चिमी सिंहभूम को मलेरिया मुक्त और स्वस्थ जिला बनाना है।




