वीएनआर स्कूलों में अग्नि सुरक्षा प्रशिक्षण अनिवार्य, 74 विद्यार्थियों ने लिया प्रशिक्षण*

जमशेदपुर: चक्रधरपुर रेल मंडल के अंतर्गत संचालित सभी वीएनआर स्कूलों और शिक्षण संस्थानों में अग्नि आपदा प्रबंधन का प्रशिक्षण अनिवार्य किया गया है। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद ही संबंधित स्कूलों और शिक्षण संस्थानों को सुरक्षा प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा। इसी क्रम में टाटानगर रेल सिविल डिफेंस की टीम ने सिनी स्थित वीएनआर इंटर कॉलेज में अग्नि सुरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया। इसमें कक्षा 10वीं, 11वीं और 12वीं के कुल 74 छात्र-छात्राओं ने भाग लिया।
मंडल के वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी के निर्देश पर आयोजित कार्यक्रम में रेल सिविल डिफेंस इंस्पेक्टर एवं राष्ट्रपति सम्मानित सदस्य संतोष कुमार ने विद्यार्थियों को आग लगने की प्रक्रिया, आग के विभिन्न वर्गों और उसे बुझाने के वैज्ञानिक तरीकों की जानकारी दी। उन्होंने आग लगने की स्थिति में घबराने के बजाय सूझबूझ से काम लेने और सुरक्षित स्थान पर पहुंचने के उपाय भी बताए।
प्रशिक्षण के दौरान कपड़ों में आग लगने पर अपनाई जाने वाली ‘स्टॉप, ड्रॉप एंड रोल’ विधि का प्रदर्शन किया गया। विद्यार्थियों को अग्निशमन उपकरणों के प्रकार, उनके उपयोग और आग बुझाते समय बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में बताया गया।
कार्यक्रम के अंतिम चरण में प्रेशर टाइप ड्राई केमिकल पाउडर (डीसीपी) अग्निशमन यंत्र के इस्तेमाल का मॉक ड्रिल कराया गया। संतोष कुमार ने यंत्र चलाने की प्रक्रिया का प्रदर्शन किया और विद्यार्थियों से इसका व्यावहारिक अभ्यास भी कराया, ताकि वे आपात स्थिति में अग्निशमन उपकरणों का सही इस्तेमाल कर सकें।
इस अवसर पर कॉलेज के प्राचार्य नित्यानंद बेरा, विवेकानंद, संजय कुमार तिवारी, महेंद्र कुमार, शैलेश कुमार, गिरीश नंदन सिंह सहित अन्य शिक्षक उपस्थित रहे।
प्राचार्य नित्यानंद बेरा ने कहा कि अग्नि सुरक्षा मॉक ड्रिल से विद्यार्थियों के मन में आग लगने की स्थिति को लेकर डर कम हुआ है। इस तरह के व्यावहारिक प्रशिक्षण से विद्यार्थी आपातकालीन परिस्थितियों में आत्मविश्वास के साथ सही कदम उठा सकेंगे। उन्होंने कहा कि रेल सिविल डिफेंस की ओर से पावरपॉइंट और डिजिटल माध्यम से दी गई जानकारी भी विद्यार्थियों के लिए उपयोगी रही।
उन्होंने प्रशिक्षण के आयोजन के लिए रेल सिविल डिफेंस की टीम के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम विद्यार्थियों में आपदा प्रबंधन के प्रति जागरूकता बढ़ाने और शिक्षण संस्थानों को सुरक्षित बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
रेल सिविल डिफेंस का उद्देश्य आपदा के समय राहत एवं बचाव कार्य करने के साथ-साथ प्रशिक्षण और जागरूकता के माध्यम से लोगों को आपात परिस्थितियों से निपटने के लिए सक्षम बनाना भी है।




