उडिपी रेस्टोरेंट गोलीकांड का बड़ा खुलासा, पुलिस मुठभेड़ में दोनों मुख्य शूटर घायल

जमशेदपुर। सोनारी थाना क्षेत्र के मरीन ड्राइव स्थित बिंदल मॉल के उडिपी रेस्टोरेंट में हुई ताबड़तोड़ गोलीबारी के मामले में जमशेदपुर पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए गोलीकांड में शामिल कुल आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में कथित मुख्य शूटर मोहन यादव और अजीत मंडल भी शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान दोनों ने गोलीकांड में अपनी संलिप्तता स्वीकार की और घटना में इस्तेमाल हथियारों के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी दी।
पुलिस के मुताबिक, रेस्टोरेंट में दोपहर करीब 1:30 बजे डोमनिक सैमसन, रिजवान और दानिश को निशाना बनाकर तीन अपराधियों ने ताबड़तोड़ फायरिंग की थी। इस दौरान करीब 12 राउंड गोलियां चलने की बात सामने आई थी। गोलीबारी में डोमनिक सैमसन, रिजवान, दानिश और कृष्णा चौधरी गंभीर रूप से घायल हुए थे। सभी घायलों को उपचार के लिए टीएमएच में भर्ती कराया गया था।
घटना की गंभीरता को देखते हुए पूर्वी सिंहभूम के वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर पुलिस अधीक्षक नगर के नेतृत्व में विशेष जांच दल यानी एसआईटी का गठन किया गया। जांच के दौरान पुलिस ने गोलीकांड के कथित मुख्य साजिशकर्ताओं की पहचान कर उन्हें पहले ही गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। आगे की कार्रवाई में पुलिस ने कथित मुख्य शूटर मोहन यादव और अजीत मंडल को डोबो पुल के पास से गिरफ्तार किया।
वहीं अविनाश ठाकुर तथा आरोपियों को संरक्षण देने और भागने में मदद करने के आरोप में रुपेश कुमार और ओम सिंह उर्फ ओम बच्चा को ग्रीन ड्राइव गोलचक्कर, निर्मलनगर से गिरफ्तार किया गया।
हथियार बरामदगी के दौरान पुलिस से भिड़े आरोपी
पुलिस के अनुसार, पूछताछ में मोहन यादव और अजीत मंडल ने बताया कि गोलीकांड में इस्तेमाल हथियार और गोलियां मरीन ड्राइव स्थित फगु बाबा आश्रम के पीछे झाड़ियों में छिपाई गई हैं। इसके बाद सोनारी थाना प्रभारी के नेतृत्व में पुलिस टीम दोनों आरोपियों को हथियार बरामद करने के लिए बताए गए स्थान पर लेकर पहुंची।
पुलिस का दावा है कि वहां से दो पिस्टल और गोलियां बरामद करने के बाद टीम वापस लौट रही थी। इसी दौरान अजीत मंडल ने एक पुलिसकर्मी का सर्विस रिवॉल्वर कथित तौर पर छीन लिया और पुलिस अभिरक्षा से भागने की कोशिश की। पुलिस के अनुसार, रुकने की चेतावनी दिए जाने के बावजूद आरोपी ने पुलिस टीम की ओर तीन राउंड फायरिंग कर दी।
इसके बाद पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की। पुलिस की ओर से भी तीन राउंड गोली चलाए जाने की बात कही गई है। इस कार्रवाई में मोहन यादव और अजीत मंडल के पैर के निचले हिस्से में एक-एक गोली लगी। दोनों को काबू में करने के बाद घायल अवस्था में पुलिस अभिरक्षा में इलाज के लिए एमजीएम अस्पताल भेजा गया, जहां दोनों का उपचार चल रहा है।
9 एमएम पिस्टल, मैगजीन और मोटरसाइकिल बरामद
पुलिस के अनुसार, मामले में अविनाश ठाकुर और आरोपियों को संरक्षण एवं सहयोग देने के आरोप में रुपेश सिंह को भी गिरफ्तार किया गया है। गुप्त सूचना के आधार पर 7 अक्टूबर को की गई कार्रवाई में दोनों को पकड़ा गया। इनके कब्जे से 9 एमएम का लोडेड पिस्टल, एक अतिरिक्त लोडेड मैगजीन और घटना में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल बरामद होने की बात पुलिस ने कही है।
पुलिस के मुताबिक, अब तक इस मामले में कुल आठ आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। इनमें तीन आरोपी घटना के दौरान मौके पर मौजूद बताए गए हैं, जबकि अन्य आरोपियों पर घटना की साजिश रचने, अपराधियों को संरक्षण देने, सहयोग करने और भागने में मदद करने के आरोप हैं।
पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार आरोपियों का पूर्व में भी हत्या, लूट, रंगदारी, मारपीट, धोखाधड़ी और आर्म्स एक्ट समेत कई गंभीर आपराधिक मामलों में आपराधिक इतिहास रहा है।
इस मामले में सोनारी थाना कांड संख्या 85/2026, दिनांक 7 अक्टूबर 2026 को बीएनएस की विभिन्न धाराओं तथा आर्म्स एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर आगे की जांच की जा रही है।
पुलिस ने दावा किया है कि कार्रवाई के बाद बिंदल मॉल स्थित उडिपी रेस्टोरेंट गोलीकांड का सफलतापूर्वक उद्भेदन कर लिया गया है। मामले में गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ और आगे की जांच के आधार पर पुलिस द्वारा अन्य तथ्यों का भी सत्यापन किया जा रहा है।




