वियतनाम हादसे में दिवंगत विनय राय और राजा कुमार वर्मा के पार्थिव शरीर भारत लाने की पहल तेज, विदेश मंत्री से मिले संजय सेठ
रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ की पहल पर कुलवंत सिंह बंटी के साथ विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर से मुलाकात, परिजनों के लिए शीघ्र स्वदेश वापसी का किया अनुरोध

नई दिल्ली: वियतनाम में सड़क दुर्घटना में दिवंगत हुए रांची के योग शिक्षक स्वर्गीय राजा कुमार वर्मा एवं जमशेदपुर के स्वर्गीय विनय राय के पार्थिव शरीर को शीघ्र भारत लाने के लिए केंद्र सरकार के स्तर पर आवश्यक पहल तेज किए जाने की बात कही गई है। प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, स्वर्गीय विनय राय भाजपा कदमा मंडल के बूथ अध्यक्ष रमेश राय के पुत्र एवं भाजपा कदमा मंडल के कोषाध्यक्ष सुरेंद्र राय के भतीजे थे। उनके निधन की सूचना मिलने के बाद भाजपा कदमा मंडल अध्यक्ष उपेंद्र गिरी ने इसकी जानकारी पूर्व खादी बोर्ड सदस्य एवं भाजपा नेता कुलवंत सिंह बंटी को दी। उस समय कुलवंत सिंह बंटी नई दिल्ली में रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ के साथ मौजूद थे, जिसके बाद उन्होंने मामले को रक्षा राज्य मंत्री के संज्ञान में लाते हुए विनय राय के पार्थिव शरीर को शीघ्र भारत लाने के लिए आवश्यक पहल का आग्रह किया। विज्ञप्ति के अनुसार, रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ के सहयोग से विदेश मंत्रालय के स्तर पर कार्रवाई शुरू की गई और इसी क्रम में उन्होंने विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर से मुलाकात कर दोनों दिवंगतों के पार्थिव शरीर को शीघ्र भारत लाने के लिए व्यक्तिगत हस्तक्षेप का अनुरोध किया। विदेश मंत्री से वियतनाम स्थित भारतीय दूतावास एवं संबंधित अधिकारियों के माध्यम से आवश्यक दस्तावेजी, कानूनी एवं अन्य औपचारिकताओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराने का आग्रह किया गया, ताकि दोनों परिवार अपने प्रियजनों का अंतिम संस्कार कर सकें। विज्ञप्ति में कहा गया है कि विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए हरसंभव सहयोग एवं आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया। विज्ञप्ति के अनुसार, केंद्र सरकार के प्रयासों से स्वर्गीय राजा कुमार वर्मा का पार्थिव शरीर शनिवार तक भारत पहुंचने की उम्मीद है, जबकि स्वर्गीय विनय राय के पार्थिव शरीर को भी शीघ्र जमशेदपुर लाने की प्रक्रिया पूरी करने का प्रयास किया जा रहा है। कुलवंत सिंह बंटी ने कहा कि संकट की इस घड़ी में भाजपा परिवार स्वर्गीय विनय राय के शोकाकुल परिवार के साथ संवेदना के साथ खड़ा है और पार्थिव शरीर को शीघ्र भारत लाने के लिए हरसंभव प्रयास किया जा रहा है।




