राष्ट्रीय सिनेमा दिवस पर जमशेदपुर महिला विश्वविद्यालय में लघु फिल्म निर्माण पर एक दिवसीय कार्यशाला, राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता रवि राज मुर्मू ने साझा किए अनुभव
पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग की पहल, पूर्व छात्रा जॉयश्री घोराई को भी किया गया सम्मानित; विद्यार्थियों ने फिल्म निर्माण, निर्देशन और संपादन की बारीकियां सीखीं

जमशेदपुर: राष्ट्रीय सिनेमा दिवस के अवसर पर जमशेदपुर महिला विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग की ओर से बुधवार को लघु फिल्म निर्माण पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. इला कुमार के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यशाला का उद्देश्य विद्यार्थियों को फिल्म निर्माण, कहानी कहने की कला और सिनेमा की रचनात्मक प्रक्रिया से परिचित कराना रहा। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में स्वतंत्र फिल्म निर्माता एवं दलमा मोशन पिक्चर्स प्राइवेट लिमिटेड के संस्थापक रवि राज मुर्मू उपस्थित रहे, जिन्हें संथाली लघु फिल्म ‘आंगेन’ के लिए सर्वश्रेष्ठ नवोदित निर्देशक का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार प्राप्त हुआ है और 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा सम्मानित किया गया था। कार्यशाला के दौरान उनकी पुरस्कार विजेता फिल्म ‘आंगेन’ का प्रदर्शन भी किया गया। इस अवसर पर पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग की पूर्व छात्रा जॉयश्री घोराई को विशेष अतिथि के रूप में सम्मानित किया गया। जॉयश्री फिल्म निर्माता, निर्देशक, अभिनेत्री और चलचित्र संपादक के रूप में कार्य कर रही हैं तथा वर्ष 2022 से 2025 तक विभाग की छात्रा रही हैं। उन्होंने टी-सीरीज, देवांगन फिल्म्स और Jass म्यूजिक के साथ संगीत वीडियो परियोजनाओं में काम किया है और वेब धारावाहिक ‘कलियुगी जीवन’ एवं ‘सहारा’ तथा ‘फूल और डाली’ जैसी लघु फिल्मों से भी जुड़ी रही हैं। विभाग की ओर से वर्ष 2026 से उन पूर्व छात्राओं को सम्मानित करने की पहल शुरू की गई है, जिन्होंने मीडिया और रचनात्मक क्षेत्र में अपने कार्य एवं प्रतिभा से पहचान बनाई है। कार्यशाला के दौरान रवि राज मुर्मू ने विद्यार्थियों के साथ अपने फिल्म निर्माण के अनुभव, रचनात्मक यात्रा और सिनेमा के विभिन्न पहलुओं को साझा किया, जबकि जॉयश्री घोराई ने भी अपने अनुभवों के माध्यम से विद्यार्थियों को फिल्म एवं मीडिया क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। विद्यार्थियों ने फिल्म निर्माण, निर्देशन, अभिनय, संपादन, कहानी लेखन और सिनेमा की रचनात्मक प्रक्रिया से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं को समझा। कार्यक्रम में छात्र कल्याण अधिष्ठाता एवं व्यावसायिक अध्ययन अधिष्ठाता डॉ. किश्वर आरा, कुलसचिव डॉ. सलोमी कुजूर, मानविकी संकायाध्यक्ष डॉ. सुधीर कुमार साहु, डॉ. दीपा शरण, कार्यक्रम समन्वयक डॉ. शालिनी प्रसाद, डॉ. रितेश कुमार ठाकुर और डॉ. अनिता मिश्रा सहित अन्य अतिथि एवं शिक्षक उपस्थित रहे।




