चांडिल गोलचक्कर पर बस स्टैंड नहीं, जान जोखिम में डालकर बस पकड़ने को मजबूर यात्री
निर्माणाधीन NH-33 का काम अंतिम चरण में, सड़क किनारे बसों के ठहराव से दुर्घटना का खतरा; व्यवस्थित बस स्टैंड बनाने की मांग

चांडिल: निर्माणाधीन रांची-जमशेदपुर राष्ट्रीय राजमार्ग-33 का काम अंतिम चरण में पहुंचने के बावजूद चांडिल गोलचक्कर पर व्यवस्थित बस स्टैंड का निर्माण नहीं होने से यात्रियों की परेशानी बढ़ गई है। रोजाना सैकड़ों यात्री सड़क किनारे खड़े होकर बसों का इंतजार करने और वाहनों में सवार होने को मजबूर हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग पर तेज रफ्तार ट्रक, बस एवं अन्य भारी वाहनों की आवाजाही के बीच सड़क किनारे बसों के रुकने से यात्रियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है। चांडिल गोलचक्कर पहले से ही विभिन्न राज्यों और जिलों के बीच यातायात का प्रमुख केंद्र रहा है। यहां से रांची, रामगढ़, धनबाद, बोकारो और पुरुलिया के अलावा बिहार, पश्चिम बंगाल एवं ओडिशा के विभिन्न शहरों के लिए बसों का आवागमन होता है। पटना, रक्सौल, गया, नवादा, आरा, भागलपुर, कोलकाता, भुवनेश्वर और पुरी समेत कई स्थानों के लिए यात्री इसी मार्ग का इस्तेमाल करते हैं, जबकि बड़ी संख्या में दिहाड़ी मजदूर और ग्रामीण भी प्रतिदिन आवागमन करते हैं। बस स्टैंड की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण यात्रियों को सड़क किनारे खड़े होकर बसों का इंतजार करना पड़ता है और बस रुकने के दौरान मुख्य सड़क पर ही चढ़ना-उतरना पड़ता है। इस दौरान तेज रफ्तार वाहनों की आवाजाही के कारण दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। स्थानीय लोगों के अनुसार बुजुर्गों, महिलाओं, बच्चों और दिहाड़ी मजदूरों को इस स्थिति में विशेष परेशानी का सामना करना पड़ता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि राष्ट्रीय राजमार्ग का निर्माण पूरा होने के बाद वाहनों की रफ्तार बढ़ने की संभावना है, ऐसे में बस स्टैंड के लिए सुरक्षित स्थान और यात्री सुविधाओं की व्यवस्था पहले से करना जरूरी है। कांग्रेस नेता अरुण बागड़िया ने स्थानीय प्रशासन और एनएचआई से चांडिल गोलचक्कर पर जल्द व्यवस्थित बस स्टैंड का निर्माण कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यात्रियों और ग्रामीणों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए बसों के ठहराव के लिए सुरक्षित स्थान निर्धारित किया जाना चाहिए, ताकि राष्ट्रीय राजमार्ग पर दुर्घटना की स्थिति उत्पन्न न हो। उन्होंने कहा कि बस स्टैंड बनने से यात्रियों को सुविधा मिलने के साथ यातायात व्यवस्था को भी सुचारु बनाने में मदद मिलेगी।




