चाईबासा: ‘उड़ान’ अभियान के तहत पांच महिला उद्यमियों को किया गया सम्मानित, हुनर से आत्मनिर्भरता का संदेश
मारवाड़ी युवा मंच चाईबासा जागृति शाखा ने महिला प्रतिभाओं को दिया मंच, अन्य महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने के लिए किया प्रोत्साहित

चाईबासा: मारवाड़ी युवा मंच चाईबासा जागृति शाखा की ओर से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उनके हुनर को पहचान दिलाने के उद्देश्य से ‘उड़ान—हुनर से आत्मनिर्भरता तक का सफर’ अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत शाखा की ओर से समाज की पांच प्रतिभाशाली महिलाओं को सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम का उद्देश्य अपने दम पर एक मुकाम हासिल करने वाली महिलाओं को मंच प्रदान करना और उनके प्रयासों को प्रोत्साहित करना रहा। इस दौरान महिला उद्यमिता और आत्मनिर्भरता को लेकर चर्चा भी की गई।
पांच महिलाओं को किया गया सम्मानित
कार्यक्रम में सुनीता गोयल, निशा केडिया, सविता शर्मा, शालिनी सराफ और विनीता सराफ को सम्मानित किया गया। शाखा की ओर से कहा गया कि इन महिलाओं ने अपने हुनर और मेहनत के बल पर अपनी अलग पहचान बनाई है। उनके प्रयास अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा का माध्यम बन सकते हैं।
हुनर को पहचान देने पर जोर
कार्यक्रम के दौरान शाखा की ओर से कहा गया कि महिलाओं में विभिन्न क्षेत्रों में प्रतिभा मौजूद है, लेकिन उचित मंच और प्रोत्साहन नहीं मिलने के कारण कई बार उनकी पहचान सीमित रह जाती है। ‘उड़ान’ अभियान के माध्यम से ऐसी महिलाओं को सामने लाने और उनके कार्यों को समाज के बीच पहचान दिलाने का प्रयास किया जा रहा है।
मारवाड़ी युवा मंच चाईबासा जागृति शाखा की अध्यक्ष चंदा अग्रवाल ने कहा कि जब हुनर को पहचान मिलती है तो आत्मनिर्भरता की नई उड़ान शुरू होती है। उन्होंने कहा कि महिलाओं के हुनर को उनकी पहचान और आत्मनिर्भरता का आधार बनाने के लिए समाज के स्तर पर लगातार प्रयास किए जाने की जरूरत है।
आगे भी प्रतिभाशाली महिलाओं को मिलेगा मंच
कार्यक्रम को सफल बनाने में अध्यक्ष चंदा अग्रवाल, सचिव रिंकी अग्रवाल, कोषाध्यक्ष खुशबू दोदराजका, सुनीता खेतान, ऋचा अग्रवाल, उपाध्यक्ष प्रीति दोदराजका सहित शाखा की अन्य सदस्यों का योगदान रहा।
शाखा की ओर से कहा गया कि महिलाओं को केवल सम्मानित करना ही उद्देश्य नहीं है, बल्कि उनके कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए प्रोत्साहन और सहयोग का वातावरण तैयार करना भी जरूरी है। ‘उड़ान’ अभियान के माध्यम से आगे भी समाज की अन्य प्रतिभाशाली और आत्मनिर्भर महिलाओं को पहचान दिलाने का प्रयास किया जाएगा।




