बहरागोड़ा पॉलिटेक्निक में छात्रों से जुर्माना वसूली का आरोप, प्लेसमेंट और छात्रवृत्ति को लेकर भी उठे सवाल

बहरागोड़ा। बहरागोड़ा पॉलिटेक्निक कॉलेज प्रबंधन पर छात्रों ने मनमानी और लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए हैं। छात्रों का कहना है कि पढ़ाई पूरी कर पास आउट हो चुके विद्यार्थियों से सर्टिफिकेट लेने के नाम पर 3,000 रुपये तक का जुर्माना वसूला जा रहा है। इसको लेकर छात्रों में नाराजगी है और उन्होंने जिला प्रशासन से मामले की जांच कर उचित कार्रवाई की मांग की है।

छात्रों के अनुसार, कॉलेज में गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों से आने वाले विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा और रोजगार के अवसरों का भरोसा देकर दाखिला कराया जाता है, लेकिन पढ़ाई के दौरान विभिन्न कारणों से छात्रों पर जुर्माना लगाया जाता है। छात्रों का आरोप है कि पास आउट होने के बाद भी सर्टिफिकेट प्राप्त करने के लिए अतिरिक्त राशि जमा करने का दबाव बनाया जा रहा है।
प्लेसमेंट व्यवस्था पर भी सवाल
छात्रों और अभिभावकों का आरोप है कि पढ़ाई के दौरान करीब डेढ़ से दो लाख रुपये तक खर्च करने के बावजूद कॉलेज में अपेक्षित प्लेसमेंट की सुविधा नहीं मिल रही है। छात्रों के मुताबिक वर्ष 2026 में पास आउट हुए विद्यार्थियों के लिए कथित तौर पर केवल एक सिलेंडर कंपनी प्लेसमेंट के लिए आई थी। वहीं, कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग के छात्रों के लिए किसी कंपनी के नहीं आने का आरोप लगाया गया है।
छात्रवृत्ति नहीं मिलने से परेशानी
छात्रों ने छात्रवृत्ति को लेकर भी नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि अब तक कई छात्रों की छात्रवृत्ति नहीं मिली है। छात्रों का आरोप है कि इस मामले में कॉलेज प्रबंधन की ओर से अपेक्षित पहल नहीं की जा रही है, जबकि दूसरी ओर विभिन्न मदों में राशि जमा करने के लिए छात्रों पर दबाव बनाया जा रहा है।
सर्टिफिकेट रोकने का आरोप
कुछ छात्रों ने आरोप लगाया कि मैकेनिकल विभाग के एचओडी की ओर से फोन कर निर्धारित समय के भीतर राशि जमा करने का दबाव बनाया जा रहा है। छात्रों का दावा है कि उन्हें कथित तौर पर एक सप्ताह के भीतर पैसा जमा नहीं करने पर सर्टिफिकेट वापस चले जाने की बात कही गई है।
छात्रों का कहना है कि वे कॉलेज की निर्धारित फीस और सर्टिफिकेट से संबंधित राशि का भुगतान करने के लिए तैयार हैं, लेकिन तत्काल आर्थिक परेशानी के कारण रकम जमा कर पाना संभव नहीं है। ऐसे में 3,000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जाना उनके लिए अतिरिक्त आर्थिक बोझ है।
छात्रों ने जिला प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, कॉलेज प्रबंधन की भूमिका की समीक्षा करने तथा छात्रों की समस्याओं का समाधान कराने की मांग की है। हालांकि, इन आरोपों पर बहरागोड़ा पॉलिटेक्निक प्रबंधन की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आना अभी बाकी है।




