जमशेदपुर वीमेंस यूनिवर्सिटी में एनईपी 2020 के तहत कौशल विकास पर सेमिनार, छात्राओं को इंटर्नशिप और अनुभवात्मक अधिगम की दी जानकारी
बिष्टुपुर कैंपस के स्मार्ट ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम में शिक्षा को उद्योग की जरूरतों से जोड़ने और महिला सशक्तिकरण पर दिया गया जोर।

जमशेदपुर: जमशेदपुर वीमेंस यूनिवर्सिटी के बिष्टुपुर कैंपस स्थित स्मार्ट ऑडिटोरियम में एनईपी 2020 के तहत कौशल विकास कार्यक्रम पर सेमिनार आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम 2026 सत्र के एनईपी सारथियों की सितंबर माह की गतिविधि के तहत आयोजित हुआ। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं को कौशल विकास के माध्यम से सशक्त बनाना, शिक्षा को उद्योग की आवश्यकताओं से जोड़ना तथा इंटर्नशिप और अनुभवात्मक अधिगम को बढ़ावा देना रहा।
कौशल विकास और रोजगार क्षमता पर जोर
कार्यक्रम का आयोजन विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. इला कुमार के मार्गदर्शन में किया गया। विश्वविद्यालय की कुलसचिव डॉ. सलोमी कुजूर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं।
सेमिनार की शुरुआत समकालीन उच्च शिक्षा में कौशल विकास के महत्व पर चर्चा के साथ हुई। वक्ताओं ने छात्राओं की रोजगार क्षमता, व्यावहारिक दक्षताओं और कार्यस्थल के लिए तैयारी बढ़ाने में कौशल विकास की भूमिका पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम में एनईपी 2020 के तहत शैक्षणिक अधिगम को व्यावहारिक अनुभव, इंटर्नशिप, अनुभवात्मक अधिगम और उद्योग-उन्मुख कौशल के साथ जोड़ने की आवश्यकता पर चर्चा की गई।
विशेषज्ञों ने साझा किए विचार
भौतिकी विभाग के विभागाध्यक्ष राजेंद्र जायसवाल ने कौशल विकास कार्यक्रमों पर सत्र प्रस्तुत किया। उन्होंने शैक्षणिक ज्ञान के साथ प्रासंगिक और व्यावहारिक कौशल विकसित करने के महत्व को रेखांकित किया।
एमबीए विभाग की डॉ. श्वेता प्रसाद ने इंटर्नशिप सहित कौशल विकास के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की। उन्होंने छात्राओं को वास्तविक पेशेवर आवश्यकताओं से जोड़ने में व्यावहारिक अनुभव और इंटर्नशिप के अवसरों के महत्व पर जोर दिया।
रसायन विज्ञान विभाग की डॉ. अन्नपूर्णा झा ने इंटर्नशिप और कौशल विकास से संबंधित सरकारी योजनाओं की जानकारी साझा की। उन्होंने छात्राओं के लिए उपलब्ध विभिन्न अवसरों और पहलों पर प्रकाश डाला, जिनके माध्यम से वे कौशल अर्जित करने के साथ व्यावहारिक अनुभव प्राप्त कर सकती हैं।
महिला सशक्तिकरण और उद्योग से जुड़ाव
सेमिनार का मुख्य फोकस “कौशल के माध्यम से महिला सशक्तिकरण, शिक्षा को उद्योग के साथ जोड़ना और एनईपी 2020” रहा। इसमें इंटर्नशिप और अनुभवात्मक अधिगम पर विशेष जोर दिया गया।
राजनीति विज्ञान विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. सोनाली सिंह ने भी कार्यक्रम में अपने विचार साझा किए और छात्राओं को कौशल विकास एवं व्यावहारिक अधिगम के महत्व से अवगत कराया।
कार्यक्रम ने छात्राओं को कौशल विकास के विभिन्न आयामों तथा शैक्षणिक और व्यावसायिक क्षमताओं को बढ़ाने के लिए उपलब्ध अवसरों को समझने का संवादात्मक मंच प्रदान किया।
एनईपी सारथियों ने किया आयोजन
सितंबर माह की इस गतिविधि का आयोजन जमशेदपुर वीमेंस यूनिवर्सिटी के 2026 सत्र के एनईपी सारथियों द्वारा किया गया। इसका उद्देश्य छात्राओं को ऐसे कौशल विकसित करने के लिए प्रोत्साहित करना रहा, जो उनकी शैक्षणिक शिक्षा के पूरक होने के साथ भविष्य के व्यावसायिक अवसरों के लिए भी उपयोगी साबित हों।
कार्यक्रम के समापन पर कौशल विकास, इंटर्नशिप, अनुभवात्मक अधिगम और उद्योग-उन्मुख शिक्षा को उच्च शिक्षा का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया गया।




