चाईबासा में स्थानीय उत्पादों को वैश्विक बाजार से जोड़ने की पहल तेज, 20 मिनी कोल्ड स्टोरेज पर जोर
जिला स्तरीय निर्यात प्रोत्साहन समिति की बैठक में कृषि, वन और स्थानीय उत्पादों के मूल्य संवर्धन व निर्यात की संभावनाओं पर चर्चा

चाईबासा: पश्चिमी सिंहभूम जिले के स्थानीय, कृषि और वन आधारित उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने की दिशा में जिला प्रशासन ने पहल तेज करने का निर्णय लिया है। जिला समाहरणालय सभागार में उपायुक्त मनीष कुमार की अध्यक्षता में जिला स्तरीय निर्यात प्रोत्साहन समिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक में जिले के प्राकृतिक संसाधनों और स्थानीय उत्पादों के निर्यात की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
हेवी इंजीनियरिंग उत्पादों के निर्यात की संभावनाओं पर चर्चा
बैठक में जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक ने जिले से निर्यात को बढ़ावा देने के लिए हेवी इंजीनियरिंग उत्पादों के चयन से संबंधित जानकारी प्रस्तुत की। चर्चा के दौरान बताया गया कि पश्चिमी सिंहभूम लौह अयस्क और चूना पत्थर जैसे खनिज संसाधनों से समृद्ध है।
इसके अलावा खाद्य प्रसंस्करण, सिल्क और अन्य स्थानीय उत्पादों को भी बाजार की मांग के अनुरूप तैयार कर राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निर्यात किए जाने की संभावनाओं पर चर्चा हुई।
लघु वन उत्पादों के संग्रहण और प्रसंस्करण पर जोर
चैंबर प्रतिनिधियों ने जिले में उपलब्ध नीम, बेर, जंगली फल और जामुन जैसे लघु वन उत्पादों की ओर प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया। इन उत्पादों के संग्रहण, प्रसंस्करण, पैकेजिंग और विपणन की बेहतर व्यवस्था विकसित करने पर जोर दिया गया।
बैठक में विदेश व्यापार महानिदेशालय (DGFT) के प्रतिनिधि देव कुमार ने बताया कि पश्चिमी सिंहभूम के लिए पहले ही जिला निर्यात कार्ययोजना तैयार की जा चुकी है। इस पर सहायक निदेशक, DGFT द्वारा निर्धारित प्रारूप के अनुसार आवश्यक सुधार करते हुए कार्ययोजना को दोबारा समिति के समक्ष प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया।
मूल्य संवर्धन से किसानों और उद्यमियों को मिलेगा लाभ
उपायुक्त मनीष कुमार ने कहा कि जिले में स्थानीय और प्राकृतिक संसाधनों की कमी नहीं है। आवश्यकता इन उत्पादों की पहचान कर उनका मूल्य संवर्धन, प्रसंस्करण और गुणवत्तापूर्ण पैकेजिंग करने की है।
उन्होंने कहा कि इस दिशा में प्रभावी पहल होने से किसानों, स्थानीय उत्पादकों, स्वयं सहायता समूहों और उद्यमियों को बेहतर बाजार उपलब्ध हो सकता है। साथ ही स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
20 मिनी कोल्ड स्टोरेज स्थापित करने की पहल
बैठक में जिले में 20 मिनी कोल्ड स्टोरेज स्थापित करने की दिशा में पहल करने का निर्देश दिया गया। इनके माध्यम से कृषि और बागवानी उत्पादों के संरक्षण एवं भंडारण में मदद मिलेगी। इससे उत्पादों को लंबे समय तक सुरक्षित रखने और बाजार के अनुकूल समय पर बिक्री करने में भी सहायता मिलने की उम्मीद है।
उपायुक्त ने मशरूम उत्पादन और मधुमक्खी पालन को भी बढ़ावा देने का निर्देश दिया, ताकि स्थानीय स्तर पर आय और रोजगार के नए अवसर विकसित किए जा सकें।
एक जिला एक उत्पाद के तहत कई उत्पादों पर फोकस
उपायुक्त ने आगामी बैठकों में झारखंड राज्य आजीविका संवर्धन समिति को शामिल करने का निर्देश दिया। साथ ही एक जिला एक उत्पाद (ODOP) के तहत चिरौंजी, महुआ, जामुन, केला, शरीफा, ड्रैगन फ्रूट और आम जैसे उत्पादों को शामिल करने की दिशा में पहल करने को कहा।
बैठक में DGFT के प्रतिनिधि, चैंबर प्रतिनिधि, संबंधित विभागों के पदाधिकारी और जिला स्तरीय निर्यात प्रोत्साहन समिति के सदस्य उपस्थित रहे।




