चाईबासा के करंजिया में बच्चों को तंबाकू उत्पादों से दूर रखने के लिए जागरूकता अभियान, नुक्कड़ सभा के जरिए ग्रामीणों को किया जागरूक
डेबरासाई, लोवाबेड़ा और बड़ायबासा में बच्चों एवं किशोरों को बीड़ी, सिगरेट और गुटखा से दूर रखने की अपील

चाईबासा: पश्चिमी सिंहभूम जिले के जगन्नाथपुर प्रखंड अंतर्गत करंजिया पंचायत के डेबरासाई, लोवाबेड़ा और बड़ायबासा गांवों में कम उम्र के बच्चों एवं किशोरों को बीड़ी, सिगरेट, गुटखा और अन्य तंबाकू उत्पादों से दूर रखने के उद्देश्य से जागरूकता अभियान चलाया गया। अभियान का आयोजन आदिवासी हो समाज युवा महासभा एवं नेशनल आदिवासी रिवाईवल एसोसिएशन की ओर से किया गया। इस दौरान नुक्कड़ सभा आयोजित कर ग्रामीणों, बच्चों और किशोरों को तंबाकू सेवन से होने वाले नुकसान की जानकारी दी गई। वक्ताओं ने कहा कि कम उम्र में बीड़ी, सिगरेट, गुटखा और अन्य तंबाकू उत्पादों का सेवन बच्चों के शारीरिक एवं मानसिक विकास पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है। ग्रामीणों और अभिभावकों से बच्चों को तंबाकू उत्पादों से दूर रखने के लिए सतर्क रहने की अपील की गई। आदिवासी हो समाज युवा महासभा के राष्ट्रीय महासचिव गब्बरसिंह हेम्ब्रम ने कहा कि कई बार बच्चे शुरुआत में शौक या साथियों के दबाव में बीड़ी-सिगरेट का सेवन शुरू करते हैं और धीरे-धीरे यह आदत नशे की लत का रूप ले सकती है। उन्होंने कहा कि बच्चों को तंबाकू से दूर रखने में परिवार, समाज और अभिभावकों की महत्वपूर्ण भूमिका है। नेशनल आदिवासी रिवाईवल एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने भी ग्रामीणों से बच्चों की गतिविधियों पर नजर रखने और उन्हें बीड़ी, सिगरेट, गुटखा सहित अन्य तंबाकू उत्पादों से दूर रहने के लिए प्रेरित करने की अपील की। अभियान के दौरान गांव में नशामुक्त और स्वस्थ वातावरण बनाने के लिए सामूहिक प्रयास करने का आह्वान किया गया। इस अवसर पर राकेश हेम्ब्रम, सागर हेम्ब्रम, सुरेन हेम्ब्रम, पचाय हेम्ब्रम, मनमोहन हेम्ब्रम, पाईकिराय हेम्ब्रम, सालुका लागुरी, दामु हेम्ब्रम, बबलू हेम्ब्रम, कैलाश हेम्ब्रम, सुनिका हेम्ब्रम, बोती हेम्ब्रम, कुन्ती लागुरी, कुन्ती हेम्ब्रम, लक्ष्मी लागुरी, लादुरा लागुरी, बागुन लागुरी, गोरवारी हेम्ब्रम और जोंगा हेम्ब्रम सहित अन्य लोग मौजूद रहे।




