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चाईबासा: एमएमडीआर पर भाजपा के जनजागरूकता अभियान को लेकर बुधराम लागुरी ने उठाए सवाल

झामुमो जिला प्रवक्ता ने कहा- कानून की खूबियों के साथ झारखंड के अधिकार, राजस्व और खनन प्रभावित क्षेत्रों पर असर भी स्पष्ट किया जाए

चाईबासा: भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू द्वारा एमएमडीआर अधिनियम को लेकर जिलों में जनजागरूकता अभियान चलाने और गांव-गांव नुक्कड़ सभा आयोजित करने की घोषणा पर झामुमो जिला प्रवक्ता बुधराम लागुरी ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि जनता को केवल कानून की खूबियां बताने के बजाय उसके प्रावधानों और झारखंड पर पड़ने वाले संभावित प्रभावों की भी पूरी जानकारी दी जानी चाहिए।

राज्य के अधिकार और राजस्व पर मांगा स्पष्टीकरण

बुधराम लागुरी ने कहा कि यदि भाजपा जनता के बीच जाकर एमएमडीआर कानून को समझाना चाहती है, तो उसे यह भी स्पष्ट करना चाहिए कि संशोधन के बाद खनिज संपदा पर राज्य के अधिकार, राज्य के राजस्व, DMFT और खनन प्रभावित क्षेत्रों के हित किस तरह सुरक्षित रहेंगे।

उन्होंने कहा कि झारखंड देश के प्रमुख खनिज उत्पादक राज्यों में शामिल है और यहां की खनिज संपदा का संबंध राजस्व के साथ-साथ आदिवासी-मूलवासी समाज की जमीन, आजीविका और भविष्य से भी जुड़ा हुआ है।

गांवों में होने वाली सभाओं में सवालों के जवाब देने की मांग

झामुमो प्रवक्ता ने कहा कि भाजपा नेता गांव-गांव जाकर नुक्कड़ सभा करें, इसमें किसी को आपत्ति नहीं है, लेकिन इन सभाओं में जनता के सवालों का भी सीधा जवाब दिया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि झारखंड के खनिज संसाधनों से मिलने वाले राजस्व और उसके उपयोग को लेकर सरकार तथा राजनीतिक दलों को आंकड़ों के साथ अपना पक्ष रखना चाहिए।

19 सितंबर के प्रदर्शन का किया उल्लेख

बुधराम लागुरी ने कहा कि झामुमो ने एमएमडीआर संशोधन को लेकर अपना पक्ष सार्वजनिक रूप से रखा है और इसी मुद्दे को लेकर पार्टी ने 19 सितंबर को राज्यभर में धरना-प्रदर्शन किया था।

उन्होंने कहा कि अब भाजपा भी जनता के बीच जाकर अपनी बात रख रही है तो दोनों पक्षों के तर्क जनता के सामने आने चाहिए। उनके अनुसार, जनता तथ्यों को समझकर अपना निर्णय करे।

राज्यहित के दावे पर भी सवाल

भाजपा की ओर से एमएमडीआर संशोधन को राज्यहित में बताए जाने के दावे पर बुधराम लागुरी ने सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि राज्यहित की बात केवल राजनीतिक भाषणों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि कानून की धाराओं और उसके व्यावहारिक परिणामों में भी दिखाई देनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि जनता यह जानना चाहती है कि झारखंड के खनिज संसाधनों से राज्य और खनन प्रभावित लोगों को भविष्य में क्या मिलेगा तथा उनके अधिकारों पर संशोधन का क्या प्रभाव पड़ेगा।

झामुमो भी जनता के बीच रखेगा अपना पक्ष

बुधराम लागुरी ने कहा कि भाजपा यदि गांव-गांव जाकर एमएमडीआर के प्रावधानों पर अपना पक्ष रखेगी तो झामुमो कार्यकर्ता भी जनता के बीच जाकर पार्टी का पक्ष रखेंगे।

उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को केवल आरोप-प्रत्यारोप तक सीमित करने के बजाय जल, जंगल, जमीन, खनिज संपदा और राज्य के अधिकारों से जुड़े सवालों पर तथ्य आधारित सार्वजनिक चर्चा होनी चाहिए।

झामुमो जिला प्रवक्ता ने कहा कि भाजपा पर जनता को भ्रमित करने का आरोप लगाने से पहले यह स्पष्ट किया जाना चाहिए कि एमएमडीआर संशोधन से झारखंड के हित किन प्रावधानों के माध्यम से सुरक्षित हैं। उन्होंने कहा कि जनता अब केवल नारे नहीं, बल्कि स्पष्ट जवाब और दस्तावेजी तथ्यों के आधार पर जानकारी चाहती है।

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